जनपद का प्रमुख आकर्षण पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक रूट विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी 15 अप्रैल से 15 जून तक पर्यटकों के भ्रमण, ट्रैकिंग एवं अभियानों के लिए खोला जा रहा है। ट्रैक को व्यवस्थित, सुरक्षित तथा सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मार्ग पर सुविधाओं, समन्वय तथा पर्यटकों के मार्गदर्शन की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि आगंतुकों को बेहतर अनुभव मिल सके। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पिंडारी ग्लेशियर अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और रोमांचकारी अनुभवों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जहां हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में साहसिक पर्यटक पहुंचते हैं।
ट्रैकिंग के लिए पंजीकरण हिचौड़ी तथा जैकुनी 15 अप्रैल से खुलेगा पिंडारी ग्लेशियर ट्रैकइको-टूरिज्म पंजीकरण केंद्रों में किया जाएगा। दुर्गम भूभाग और अनिश्चित मौसम को देखते हुए पंजीकरण केंद्रों पर 24 घंटे वन कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र को प्लास्टिक और ठोस अपशिष्ट से मुक्त रखने के लिए पर्यटकों से एफडीआर (सुरक्षा धनराशि) जमा कराई जाएगी। यह एफडीआर विदेशी पर्यटकों के लिए 10 हजार तथा देशी पर्यटकों के लिए पांच हजार निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्लास्टिक सामान ले जाने पर 100 रुपए का शुल्क लिया जाएगा। ट्रैकिंग के दौरान प्लास्टिक को वापस लाने और निर्धारित स्थान पर जमा कराने पर जमा धनराशि वापस कर दी जाएगी।
प्रभागीय वनअधिकारी ने पर्यटकों से अपील की है कि वह ट्रैकिंग के दौरान प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग करें, कचरे का उचित निस्तारण करें तथा पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करते हुए इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने में सहयोग दें। आदित्य रत्न, प्रभागीय वनाधिकारी, बागेश्वर।
