MBBS फर्जी प्रमाणपत्र मामले में देहरादून के दो लेखपाल निलंबित, संघ ने किया कार्य बहिष्कार का ऐलान
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Sep 24, 2026 16:48
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों के कूटरचित प्रमाणपत्रों के मामले में जांच समिति की सिफारिश पर जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने दो लेखपाल जगदीश राठौड़ और डिंपल को निलंबित कर दिया है। इसके विरोध में उत्तराखंड लेखपाल संघ ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को तहसील सदर स्थित लेखपाल सभागार में प्रदेश अध्यक्ष देवेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में देहरादून जिला इकाई ने 25 सितंबर शुक्रवार से सभी प्रमाणपत्रों के कार्य का बहिष्कार का निर्णय लिया। संघ का कहना है कि मैदानी जिलों में अत्यधिक कार्यभार के कारण प्रत्येक लेखपाल की आईडी पर प्रतिदिन 50 से 100 प्रमाणपत्र आते हैं। आवेदकों की ओर से अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर ही लेखपालों को अपनी आख्या देनी पड़ती है। ऐसे में कूटरचित दस्तावेजों की पहचान कर फर्जी प्रमाणपत्र हासिल किए जाने के लिए सीधे लेखपालों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। संघ ने कहा कि वर्तमान मामले में आवेदकों के साथ जन सुविधा केंद्र संचालकों व कूटरचना में शामिल किसी व्यक्ति या गिरोह की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
लेखपालों का कहना है कि दो-दो क्षेत्रों का अतिरिक्त कार्यभार और भारी प्रमाणपत्रों के दबाव के बावजूद वह नियमित कार्य कर रहे हैं।प्रदेश अध्यक्ष देवेश घिल्डियाल ने चेतावनी दी कि यदि कूटरचित दस्तावेजों से जारी प्रमाणपत्रों के मामले में लेखपालों पर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहती है तो संघ प्रदेश के समस्त मैदानी क्षेत्रों में प्रमाणपत्रों के बहिष्कार के लिए बाध्य होगा। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही। बैठक में प्रदेश महामंत्री मेजर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष मंजू बिष्ट व उम्मेद सिंह, संगठन मंत्री रविंद्र दत्त सेमवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हुकुमचंद पाल, पूर्व जिला अध्यक्ष सगत सिंह सैनी, जयपाल सिंह रावत समेत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के पदाधिकारी मौजूद रहे। एमबीबीएस प्रकरण में कई स्तर पर जांच चल रही है। पुलिस की एसआइटी जांच का नेतृत्व एसपी देहात जया बलोनी कर रहीं, जबकि जिला प्रशासन की विभागीय जांच सीडीओ अभिनव शाह के निर्देशन में चल रही।
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी डीजीपी को उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़े कार्रवाई के निर्देश दिए हुए हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन की समिति ने विभागीय जांच में दोनों लेखपाल को दोषी पाते हुए निलंबन की सिफारिश की। मामले में एसडीएम स्तर के एक अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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