ऑनलाइन किया जा रहा था ऑर्डर और 'Delivery Failed' हो गई तो सावधान, साइबर ठगों के रडार पर हो सकते हैं आप
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Aug 16, 2026 21:01
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पिथौरागढ़ में अगर आपके मोबाइल पर अचानक किसी डिलीवरी के फेल होने का फोन आए और सामने वाला खुद को डिलीवरी एजेंट बताकर समस्या दूर करने के नाम पर कोई कोड डायल करने को कहे, तो सावधान हो जाइए। एक छोटी सी लापरवाही आपको साइबर ठगी का शिकार बना सकती है। साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने के लिए अब डिलीवरी फेल और कॉल फॉरवर्डिंग को हथियार बनाना शुरू कर दिया है। पिथौरागढ़ पुलिस और साइबर सेल की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों को इस तरह के साइबर फ्राड से सतर्क रहने की अपील की गई है। साइबर ठग पहले विश्वास में लेते हैं और फिर मोबाइल में विशेष एमएमआई कोड डायल करवाकर कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कराने का प्रयास करते हैं।
साइबर ठग फोन कर खुद को किसी डिलीवरी कंपनी का कर्मचारी बताते हैं। वे कहते हैं कि आपका पार्सल डिलीवर नहीं हो पा रहा है या डिलीवरी से जुड़ी कोई समस्या है। इसके बाद समस्या ठीक करने के बहाने मोबाइल के डायल पैड में 21 या 67 जैसे एमएमआई कोड के साथ कोई नंबर डायल करने के लिए कहा जा सकता है। यही वह गलती होती है, जिसके बाद ठग आपके मोबाइल नंबर की कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कराने की कोशिश कर सकते हैं। कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय होने के बाद आपके नंबर पर आने वाली काल किसी दूसरे नंबर पर पहुंच सकती है। साइबर अपराधी इसका इस्तेमाल बैंकिंग या अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़ी जानकारी हासिल करने के प्रयास में कर सकते हैं। ऐसे मामलों में ओटीपी और अन्य संवेदनशील सूचनाओं के दुरुपयोग का खतरा बढ़ जाता है।
कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय होने पर मिलने वाले एसएमएस अलर्ट को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। अगर आपने स्वयं कॉल फॉरवर्डिंग शुरू नहीं की है और फिर भी ऐसा संदेश आपके मोबाइल पर आता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। याद रखें अनजान व्यक्ति के कहने पर डायल किया गया एक संदिग्ध कोड आपके मोबाइल की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।अगर आपको लगता है कि आपके मोबाइल नंबर पर आपकी अनुमति के बिना कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर दी गई है, तो फोन के डायल पैड में ##002# दर्ज कर डायल करने की सलाह दी गई है। इससे सक्रिय कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग हटाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही अपने मोबाइल आपरेटर की आधिकारिक सहायता सेवा से संपर्क कर स्थिति की पुष्टि करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी एमएमआई कोड डायल न करें, डिलीवरी, केवाईसी, बैंक अपडेट या रिफंड के नाम पर आए संदिग्ध काल से सावधान रहें, कॉल फॉरवर्डिंग से संबंधित एसएमएस अलर्ट को कभी नजरअंदाज न करें, ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, ठगी का संदेह होने पर तत्काल बैंक और मोबाइल सेवा प्रदाता को सूचना दें
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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