पिथौरागढ़

भारत और नेपाल को जोड़ने वाले पुल को लेकर क्यों छिड़ गया विवाद, पड़ोसी देश ने बोर्ड पर चढ़ा दी काली पन्नी

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Sep 10, 2026 21:45 1 views 0 Comments
भारत और नेपाल को जोड़ने वाले पुल को लेकर क्यों छिड़ गया विवाद, पड़ोसी देश ने बोर्ड पर चढ़ा दी काली पन्नी

भारत और नेपाल को जोड़ने वाले पहले मोटर पुल के उद्घाटन को लेकर सीमा पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसे लेकर नेपाल के लोगों में गुस्सा है। आनन-फानन में नेपाल प्रशासन को विवादित बोर्ड को काली पन्नी से ढकना पड़ा। नेपाल की तरफ से इस मामले में बयान भी आया है। दरअसल, भारत और नेपाल को जोड़ने वाले पहले पर्वतीय मोटर पुल काधारचूला के समीप छारछुम में नेपाल सीमा पर बनाया गया मोटर पुल सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसका निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। लगभग 32 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ यह 110 मीटर लंबा डबल स्पान मोटर पुल दोनों देशों के बीच मालवाहक वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने के उद्देश्य से बनाया गया है। हालांकि चार वर्षो में भी इस मोटर पुल में आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। औपचारिक उद्घाटन होना था। लेकिन इससे पहले ही उसके नाम को लेकर सीमा पर विवाद खड़ा हो गया है। धारचूला के छारछुम में भारत की ओर लगाए गए साइनबोर्ड पर स्थानीय नेपाली क्षेत्र का नाम दर्ज न होने पर नेपाल के नागरिकों ने कड़ा विरोध जताया है। 

धारचूला के समीप छारछुम में नेपाल सीमा पर बनाया गया मोटर पुल सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसका निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। लगभग 32 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ यह 110 मीटर लंबा डबल स्पान मोटर पुल दोनों देशों के बीच मालवाहक वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने के उद्देश्य से बनाया गया है। हालांकि चार वर्षो में भी इस मोटर पुल में आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। छारछुम में बने इस मोटर पुल के नेपाल छोर पर एक स्वागत बोर्ड लगाया गया था। नेपाल के स्थानीय लोगों का आरोप है कि बोर्ड पर उनके क्षेत्र के बजाय भारतीय स्थान का उल्लेख किया गया या उनके मुख्य स्थानीय असिगाड़ को तवज्जो नहीं दी गई। स्थानीय पहचान की उपेक्षा से नेपाली नागरिकों में गुस्सा है। इस पूरे प्रकरण पर नेपाल में दार्चुला के जिलाधिकारी वर्तराज पौडेल का कहना है कि धारचूला के एसडीएम से इस संबंध में बात हुई है। मोटर पुल बनाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी के सब-इंजीनियर ने भी साइनबोर्ड प्रिंट करते समय गलती होने और उसे तुरंत ठीक करने की बात कही है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

Enjoyed this article?

Share it with your friends and colleagues.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment