शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी पर नपेंगे वीसी और रजिस्ट्रार
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jul 30, 2026 20:01
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उत्तराखंड में हालिया यूटीयू पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग की परीक्षाओं में अनियमितता के लिए कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक में परीक्षाओं की शुचिता के लिए कई अहम निर्देश दिए। मालूम हो कि यूटीयू पेपर लीक मामले से सबक लेते हुए सरकार परीक्षाओं की पारदर्शिता और गोपनीयता के लिए ठोस इंतजाम करने का प्रयास कर रही है। उच्च शिक्षा परिषद की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को शत-प्रतिशत लागू करने की सहमति बनी। साथ ही प्रत्येक विश्वविद्यालय व कॉलेज में मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित की जाएगी। सचिवालय में आयोजित बैठक में यह निर्णय किया गया। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि साथ ही आगामी 10 से 15 अगस्त तक सभी शिक्षण संस्थानों में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। करीब 3000 एलटी शिक्षकों के प्रवक्ता कैडर में प्रमोशन के लिए लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। लोक सेवा आयोग से विलंब की स्थिति में सरकार शिक्षकों को तदर्थ रूप में भी प्रमोशन देने पर विचार कर रही है। एससीईआरटी सभागार की सिटिंग क्षमता को कम मानते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही विभाग एक बड़ा सभागार भी बनाएगा। रिक्त पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की मांगों पर कार्रवाई का वादा करते हुए संघ पदाधिकारियों को भी संयम रखने की सलाह दी। कहा कि वे प्रदेश के सर्वाधिक कार्यकाल वाले शिक्षा मंत्री हो चुके हैं। मुझे गुस्सा बिल्कुल नहीं आता। आप लोग भी पदाधिकारी हैं। इसलिए संयम रखें और अपनी समस्याओं को उचित प्लेटफॉर्म पर ही रखें।
शिक्षकों को जल्द लाभ देने के लिए तदर्थ प्रमोशन की सुविधा देने पर विचार, प्रधानाचार्य को मिलेगा स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मी की नियुक्ति का अधिकार, डायट के माध्यम से सरकारी और प्राइवेट सभी शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, शिक्षकों के शिक्षणेत्तर कार्यों को कम से कम किया जाएगा, जल्द करेंगे निर्णय, अध्यक्ष रविंद्र राणा ने पांच मुद्दे उठाते हुए कहा कि प्रमोशन, तबादला, चयन-प्रोन्नत वेतनमान पर एक इंक्रीमेंट, बेसिक से एलटी में समायोजित शिक्षकों को पूर्व की सेवाओं का लाभ और अंतरमंडलीय तबादलों पर कार्रवाई की मांग की। कहा कि यूं तो शिक्षकों की कई मांगें हैं, लेकिन इन पांच मुद्दों से शिक्षक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। महामंत्री डॉ. अंकित जोशी ने शिक्षकों को शिक्षणेत्तर कार्यों से राहत देने की पैरवी की। उपाध्यक्ष भुवन जोशी ने कहा कि वर्तमान पदाधिकारी हजारों शिक्षकों के वोट से जीत कर आए हैं। कई विधानसभा सीटों के चुनाव का फैसला भी इनसे कम वोट से होता है। लिहाजा, जब भी पदाधिकारी फोन करें या कोई बात रखें, तो अफसर उनकी बात को हजारों शिक्षकों की भावना मानते हुए प्रत्युत्तर दें।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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