देहरादून में ओपीएस को लेकर हल्ला बोल, कर्मचारियों का सीएम आवास कूच, बारिश में भी जोश में
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Sep 13, 2026 18:31
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देहरादून में पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन उत्तराखंड के बैनर तले प्रदेश भर से आए कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड से प्रदर्शन किया, जिसके बाग सभी ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया, पुलिस ने उन्हें हाथी बड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया, पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे कर्मचारियों ने वही जमकर धरना प्रदर्शन किया, इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के को ऑर्डिनेटर भुवन रावत को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया, आज रविवार को सुबह से ही प्रदेशभर से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राज्य भर के कर्मचारी परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए, बारिश के बीच वहां कर्मचारी नेताओं ने एक जनसभा को संबोधित किया, इसके बाद परेड ग्राउंड से नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हाथी बड़कला में बेरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया, इससे नाराज कुछ कर्मचारी बेरिकेडिंग पर चढ़ गए. सभी ने अपनी मांगों को लेकर जमकर हल्ला बोला।
संगठन के प्रांतीय महामंत्री मुकेश रतूड़ी ने कहा कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाए, उन्होंने बताया उनकी एक सूत्रीय मांग है कि 1 अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन बहाली का लाभ मिलना चाहिए, उन्होंने बताया वह अपनी मांग पर अडिग हैं, लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है, उन्होंने कहा यदि सरकार उनकी मांग को नहीं मानती है तो बड़े स्तर पर सरकार के खिलाफ आंदोलन किए जाएंगे, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि भारत सरकार ने कर्मचारियों के लिए एक जनवरी 2004 से नई पेंशन योजना लागू की है तो वहीं उत्तराखंड में 1 अक्टूबर 2005 से इस योजना को लागू किया गया है, नई पेंशन योजना और वर्तमान में लागू अन्य योजना यूनिफाइड पेंशन योजना में कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित है। यह योजनाएं बाजार पर आधारित है, इसके दुष्परिणाम सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारियों को भुगतने पड़ेंगे, यही कारण है कि उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के बैनर तले अधिकारी और कर्मचारी पुरजोर तरीके से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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