देहरादून

उत्तराखंड में एनालॉग डेयरी उत्पादों की बिक्री पर लगी रोक, FSDA ने जारी किया आदेश

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Aug 07, 2026 21:29 2 views 0 Comments
उत्तराखंड में एनालॉग डेयरी उत्पादों की बिक्री पर लगी रोक, FSDA ने जारी किया आदेश

उत्तराखंड में पनीर, घी, मक्खन और अन्य डेयरी उत्पादों के नाम पर बिकने वाले गैर-मानकीकृत एनालॉग डेयरी उत्पादों पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रामक उत्पादों से बचाना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एनालॉग डेयरी उत्पाद वे खाद्य पदार्थ हैं, जो देखने और पैकेजिंग में पनीर, घी, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पाद जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन उनका निर्माण पूरी तरह दूध से नहीं होता। इनमें दूध की जगह या उसके साथ वनस्पति वसा, वनस्पति तेल और अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया जाता है। कम लागत के कारण ऐसे उत्पाद कई बार असली डेयरी उत्पाद बताकर बाजार में बेचे जाते हैं, जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं।

प्रतिबंध उन सभी गैर-मानकीकृत एनालॉग डेयरी उत्पादों पर लागू होगा, जिनकी पैकेजिंग, लेबलिंग या विपणन उपभोक्ताओं को यह आभास कराता है कि वे शुद्ध डेयरी उत्पाद हैं। हालांकि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मानकों के अनुरूप तैयार फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे उत्पाद इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। आदेश लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाएगा। डेयरी निर्माण इकाइयों, गोदामों, थोक और खुदरा बाजारों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों की भी जांच होगी। संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराया जाएगा। चारधाम यात्रा और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए निगरानी और सख्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर उत्पाद जब्त किए जाएंगे, लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है और मुकदमा भी दर्ज होगा।

यह आदेश राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी माना जाएगा। प्रतिबंध एक वर्ष तक या भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा इस विषय पर अंतिम मानक अधिसूचित किए जाने तक लागू रहेगा। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कारोबारियों से केवल एफएसएसएआई के मानकों के अनुरूप उत्पादों का निर्माण और बिक्री करने की अपील की है। साथ ही उपभोक्ताओं से खरीदारी के समय उत्पाद का लेबल, सामग्री और लाइसेंस की जानकारी अवश्य जांचने तथा किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना विभाग को देने का आग्रह किया है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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