मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अल्मोड़ा दौरे को लेकर उस समय सियासी पारा चढ़ा दिया। जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शोबन सिंह जीना विश्विद्यालय में कथित भ्रष्टाचार, भर्ती रोस्टर में धांधली और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने निकले प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच चौघानपाटा में तीखी झड़प, धक्का-मुक्की और जबरदस्त नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री धामी जहां एसएसजेयू के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन का लोकार्पण करने पहुंचे थे, वहीं दूसरी तरफ युवा कांग्रेस ने गांधी पार्क चौघानपाटा से सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
“एसएसजेयू बचाओ”, “कुलपति इस्तीफा दो”, “मुख्यमंत्री गो बैक” और “भ्रष्टाचार बंद करो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने लगे। भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित युवाओं ने पीछे हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई युवा नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई में युवा नेता पार्षद वैभव पांडे, जिला अध्यक्ष विक्रम फर्त्याल, प्रदेश महासचिव किरन आर्या और गोपाल भट्ट समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं को जबरन पुलिस वाहनों में भरकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। मौके पर अफरा-तफरी और भारी तनाव का माहौल बना रहा।
यूथ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एसएसजेयू में प्रोफेसर भर्ती से लेकर प्रशासनिक फैसलों तक बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं, लेकिन सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भ्रष्टाचार और छात्र विरोधी नीतियों पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। वहीं प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बताया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले, इसके लिए प्रदर्शनकारियों को रोका गया और बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
