उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार का 111703.21 करोड़ का बजट, जानिए किसे क्या मिला

भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में उत्तराखंड का बजट सत्र चल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए 111703.21 करोड़ का बजट सदन में पेश किया। सदन की कार्यवाही 10 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। मंगलवार से बजट पर चर्चा की जाएगी। उत्तराखंड सरकार ने बजट में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाए रखने के लिए चलाई जा रही ‘नंदा गौरा योजना’ के लिए 220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह राशि बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी 12वीं तक शिक्षा तक के सफर को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी।

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पुष्कर धामी सरकार ने विभिन्न विभागों के लिए अलग-अलग मदों में धनराशि की घोषणा की है। विभागवार आवंटन पर नजर डालें तो इस बार सबसे अधिक बजट लोक निर्माण विभाग को दिया गया है, जबकि कला एवं संस्कृति विभाग को सबसे कम धनराशि आवंटित की गई है। पुष्कर धामी ने सदन के पटल पर बजट पेश किया। उन्होंने 1 घंटे से ज्यादा समय तक सरकार का विजन और विभिन्न विभागों के लिए आवंटित खजाने की जानकारी दी। इस दौरान धामी ने सरकार की उपलब्धियां भी बताई। सदन की कार्यवाही 10 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य से पलायन की समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में पुष्कर धामी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ के लिए 60 करोड़ की राशि का विशेष प्रावधान किया है। 

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सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए नंदा देवी राजजात यात्रा हेतु 25 करोड़ रुपये का विशेष बजट है। इसके अलावा हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर विकसित करने के लिए शुरुआती तौर पर 10-10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘मिशन एप्पल’ (सेब उत्पादन) हेतु 42 करोड़ रुपये और पशुपालन विभाग की लाभार्थी योजनाओं के लिए 42.02 करोड़ रुपये आवंटित हैं। युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ में 60.00 करोड़ रुपये और MSME सेक्टर की सहायता के लिए 75 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। तकनीकी विकास के लिए सरकार ने विशेष बजट रखा है। ए०आई० (AI) मिशन के क्रियान्वयन के लिए 25.00 करोड़ रुपये का प्रावधान है। राज्य के डाटा सेंटर को मजबूत करने के लिए कुल 105 करोड़ रुपये और ITDA (सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी) को अनुदान के रूप में 25 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

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शहरी क्षेत्रों को आधुनिक बनाने के लिए शहरी निकायों को 1,814 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राज्य के पहाड़ी शहरों को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए ‘स्मार्ट सिटी (पहाड़ी शहर)’ योजना के तहत 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं। आवास विकास विभाग को अवस्थापना सुविधाओं के लिए 130 करोड़ रुपये मिले हैं। वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन मद में 1,327.73 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा गया है। यह राज्य के कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम है। साथ ही, विभिन्न विभागों के माध्यम से अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए लगभग 43.50 करोड़ रुपये आवंटित हैं। सामाजिक कल्याण के तहत महिलाओं और बच्चों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 598.33 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए 149.45 करोड़ रुपये दिए गए हैं। ‘मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना’ (30 करोड़), ‘आंचल अमृत योजना’ (15 करोड़) और ‘वात्सल्य योजना’ (15 करोड़) जैसी योजनाओं के माध्यम से पोषण और सुरक्षा पर ध्यान दिया गया है।

राज्य में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़कों के जाल के लिए 1,050.00 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके साथ ही, सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए ‘गड्ढा मुक्त सड़क अभियान’ हेतु 400.00 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूंजीगत मद में 1,642.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए पंचायती राज संस्थाओं को 1,491.00 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’ और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (40 करोड़ रुपये) पर विशेष ध्यान दिया गया है। उत्तराखंड बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 600.00 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाने पर जोर दिया गया है। आयुष्मान योजना के माध्यम से राज्य के नागरिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा जारी रखी जाएगी। सीएम धामी ने विधानसभा में 1 लाख 11 हजार 730 करोड़ का बजट पेश किया है।यह बजट राज्य के पिछले बजट से करीब 10 प्रतिशत अधिक है।

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