उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में 28 अप्रैल मंगलवार की दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और धूल भरी तेज हवा चलना रिकॉर्ड किया गया है, इससे कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, पिथौरागढ़ के बेरीनाग में भी तेज हवा और अंधड़ चलने से जगह-जगह पेड़ गिरने की घटना घटी, इससे कुछ मोटर मार्ग भी कुछ समय के लिए बाधित हुए, दूसरी तरफ तेज हवा के चलने से कुछ लोगों की मकान की टीन निर्मित छत भी उड़ गई. जबकि कई गांवों की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई, पिथौरागढ़ के बेरीनाग में दोपहर 3 बजे के बाद तेज हवा और अंधड़ ने काफी नुकसान पहुंचाया, तेज हवा के कारण उड़ियारी चौकोड़ी मोटर मार्ग के बीच में कई स्थानों पर चीड़ के विशालकाय पेड़ गए, जिससे मार्ग बंद हो गया, जबकि उड़ियारी गांव निवासी कलावती देवी, कमला देवी और गोविंद सिंह, दान सिंह के कीचन और मकान की टीन निर्मित छत उड़ गई।
चौकोड़ी में भी जगत राम के लेंटर वाले मकान में पेड़ गिरने से मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई और बैठोली में महिला नंदी देवी के घर की भी छत उड़ गई, इस दौरान घरों में रह रहे लोग बाल बाल बचे, गनीमत रही कि इस अंधड़ में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई, वहीं उड़ियारी बैंड चौकोड़ी मोटर मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही बेरीनाग कोतवाली से प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लकड़ी काटने वाली मशीनों से पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ काटे, एनएच के द्वारा जेसीबी मशीन भेजकर पेड़ों को हटाया गया, तब जाकर मार्ग खोला गया, हालांकि, इस कार्रवाई में काफी समय लग गया। इस दौरान मोर्ट मार्ग पर शादी के बारात के वाहन और पर्यटक वाहन भी फंसे रहे, मार्ग को देर तक नहीं खोलने को लेकर एनएच के प्रति लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला, उधर, चौकोड़ी, उड़ियारी, बैठोली, खितोली, नागिलागांव, त्रिपुरादेवी, देवीनगर गांवों में बिजली लाइनें टूटने से बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई।
दोपहर को चली तेज हवा के बाद शाम को बारिश के फुहारे भी देखने को मिले, जिससे पिछले एक हफ्ते से जंगलों में धधक रही आग काफी हद तक शांत हो गई, इससे वन विभाग को राहत मिली है, अभी तक जंगलों में आग लगने से लाखों की वन संपदा का नुकसान को रिकॉर्ड किया गया है, उधर, धारचूला में भी उप जिला चिकित्सालय परिसर में अंधड़ से वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
