उत्तराखंड को ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ बनाने के लक्ष्य के तहत पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, इसी क्रम में एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और किच्छा कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक युवक को भारी मात्रा में नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार किया है, आरोपी के कब्जे से 6000 ट्रामाडोल कैप्सूल, एक कार, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है, जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति के निर्देशानुसार जनपद में नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, इसी अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और कोतवाली किच्छा पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है।
प्रभारी निरीक्षक किच्छा प्रकाश सिंह दानू और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रभारी राजेश पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 8 मार्च की देर रात किच्छा कोतवाली क्षेत्र के डीडी चौक के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग अभियान चलाया हुआ था, इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई, तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में नशीली दवा ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही कार सवार युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, आरोपी की पहचान मोहम्मद शाहबाज (21 वर्ष) पुत्र लईक अहमद निवासी वार्ड नंबर 19, रजा मस्जिद के पास सिरोली कला, थाना पुलभट्टा, जिला उधम सिंह नगर के रूप में हुई, पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 25 डिब्बों में रखे कुल 6000 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए, इसके अलावा आरोपी के पास से एक काले रंग की कार, एक मोबाइल फोन और 51 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए।
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली किच्छा में एफआईआर दर्ज करते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है, पूछताछ के दौरान आरोपी शाहबाज ने पुलिस को बताया कि वह ट्रामाडोल कैप्सूल अपने बड़े भाई रईस अहमद के कहने पर अपने घर से लेकर आया था, उसने यह भी बताया कि रईस अहमद यह नशीली दवा बरेली से लेकर आया था, इस खुलासे के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और आरोपी के भाई समेत अन्य संभावित तस्करों की तलाश की जा रही है, एसएसपी अजय गणपति ने खुलासा करते हुए कहा कि आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड को नशामुक्त बनाना है।
