उत्तराखंड में हुआ लाखों का हेरफेर सनसनीखेज पर्दाफाश, ग्राम प्रधान जेल में वीडीओ ने छिपाई जानकारी

रुद्रपुर में दरऊ की महिला ग्राम प्रधान नाजिया खान के जेल में होने और इसकी सूचना प्रशासन से छिपाने का किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ का सनसनीखेज आरोप प्रशासनिक जांच में सही निकला है। एडीओ पंचायत की जांच में पाया गया है कि ग्राम विकास अधिकारी ने प्रशासन से इस बात को छिपाया है, लिहाजा उनकी भूमिका भी संदिग्ध है। सीडीओ के अनुसार प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर बहुत जल्द कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को विधायक किच्छा तिलक राज बेहड़ ने ग्राम प्रधान दरऊ नाजिया खान के पौड़ी जेल में बंद होने, उनकी गैर मौजूदगी में भी फर्जी हस्ताक्षर से 16 बार सरकारी बजट के ट्रांजेक्शन होने और जेल में बंद होने की जानकारी छिपाने वाली जैसे कई गंभीर आरोप एक प्रेस कांफ्रेंस में लगाए थे। किच्छा विधायक ने यह भी कहा था कि प्रधान ने एक पत्र जारी कर यह बताया था कि वह बीमार हैं और उनकी अनुपस्थिति में उनके पति गफ्फार खान बतौर प्रतिनिधि कार्य देखेंगे। बेहड़ के इस बयान से सियासी हलचल मच गई।

- Advertisement -

इधर इतनी बड़ी चूक को लेकर प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो गए। इसको लेकर प्रशासन हरकत में आ गया और एडीओ पंचायत धीरेंद्र पंत को पूरे मामले की जांच सौंप तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। एडीओ पंचायत ने जिला जेल पौड़ी से पत्राचार किया तो उसमें ग्राम प्रधान दरऊ नाजिया खान के जेल में बंद होने की पुष्टि हो गई। पूरे मामले में ग्राम विकास अधिकारी दरऊ एके मेलकानी की चुप्पी ने भी उसकी मिलीभगत के संकेत दिए हैं। एडीओ पंचायत पंत ने अपनी रिपोर्ट तैयार करते हुए उसे जिलाधिकारी को सौंप दिया है। अब गेंद जिलाधिकारी के पाले में पहुंच गई है। जिलाधिकारी एडीओ पंचायत की रिपोर्ट पर गहनता से परीक्षण करवा कार्रवाई की तैयारी कर रहे है। जिससे बहुत जल्द ही ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है। ग्राम प्रधान दरऊ नाजिया खान के पति भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ऊधम सिंह नगर के पूर्व जिलाध्यक्ष है। वह पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में है। गफ्फार खान का नाम बरेली में हुए दंगे के मामले में 19 फरवरी को पकड़े गए असलहा तस्करों के पकड़े जाने के बाद सामने आया था। बहेड़ी जनपद में भारी मात्रा में बरामद असलहा के साथ पकड़े गए गुर्गे बहेड़ी थाने के हिस्ट्रीशीटर इशरत अली के गैंग से जुड़े थे।

- Advertisement -

वहीं इशरत अली का भाई फरहत अली बरेली में हुए दंगे के मामले में मौलाना तौकिर रजा के साथ जेल गया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि दंगे के दौरान फराहत खान व इशरत अली द्वारा ही दंगे के दौरान पुलिस पर फायरिंग के लिए असलहा उपलब्ध करवाए गए थे। वहीं बहेड़ी में असलहा के साथ पकड़े गए तस्करों सोमू खान व तस्लीम ने पुलिस के सामने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह बरामद हथियार दरऊ के ग्राम प्रधान पति गफ्फार खान को पहुंचाने जा रहे थे। पुलिस ने बहेड़ी थाने में साेमू खान उर्फ औशाफ, तस्लीम के साथ ही इशरत अली, फरहत अली व गफ्फार खान, समी के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की थी। समी के भाई की दरऊ में छह माह पूर्व हत्या हुई थी। दरऊ में हथियार पहुंचाने का मामला सामने आने को किसी बड़ी घटना को अंजाम देने से जोड़ा जा रहा है।

- Advertisement -

ग्राम प्रधान नाजिया खान के जेल जाने के बाद जो पैसा खाते से निकाला गया उसकी भी रिकवरी होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है। विधायक बेहड़ ने पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए ग्राम प्रधान नाजिया के जेल जाने के बाद 16 ट्रांजक्शन के माध्यम से 10,39,585 रुपये की निकासी की जानकारी दी गई थी। प्रारंभिक जांच में ग्राम प्रधान के जेल में होने की बात सामने आने के बाद शक की सुई ग्राम विकास अधिकारी पर घूम रही है। ग्राम प्रधान के गांव में मौजूद न होने आखिर उसकी डिजीटल हस्ताक्षर को ब्लाक स्तर पर कार्रवाई कर रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया गया।

TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version