अल्मोड़ा के विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित 52 वें कृषि मेले की चमक-दमक उस वक्त फीकी पड़ गई जब दूर-दराज से आए किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। लाखों रुपये खर्च कर भव्य आयोजन तो किया गया, लेकिन मूलभूत व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। अल्मोड़ा में मौसम की चेतावनी के बावजूद बड़ी संख्या में किसान मेले में पहुंचे। सुबह से ही मेले में भीड़ उमड़ने लगी, लेकिन किसानों को न तो समय पर पानी मिला और न ही भोजन।
संस्थान द्वारा भोजन व्यवस्था का दावा किया गया था, यहां तक कि किसानों से 5 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से शुल्क भी लिया गया। लेकिन घंटों लाइन में लगने के बावजूद भोजन शुरू नहीं किया गया। आरोप है कि जहां एक ओर किसान भूखे-प्यासे इंतजार करते रहे, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था पहले खोल दी गई। इस भेदभाव से नाराज किसानों का सब्र टूट गया। गुस्साए किसानों ने भोजन कूपन फाड़ दिए और संस्थान परिसर में जमकर हंगामा किया। स्थिति कुछ देर तक तनावपूर्ण बनी रही। अंततः बिना भोजन किए ही कई किसान वापस लौट गए।
