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अल्मोड़ा के सल्ट में दो ग्रामीणों को मारने वाले हिंसक बाघ को पकड़ा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत May 12, 2026 10:33 1 views 0 Comments
अल्मोड़ा के सल्ट में दो ग्रामीणों को मारने वाले हिंसक बाघ को पकड़ा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

अल्मोड़ा के सल्ट कार्बेट व कालागढ टाइगर रिजर्व से लगे तड़म गांव में ग्रामीण को मारने वाले बाघ को आखिरकार काबू में कर ही लिया गया। पूर्व नियोजित रणनीत...

अल्मोड़ा के सल्ट कार्बेट व कालागढ टाइगर रिजर्व से लगे तड़म गांव में ग्रामीण को मारने वाले बाघ को आखिरकार काबू में कर ही लिया गया। पूर्व नियोजित रणनीति के तहत विशेषज्ञ शूटर दल ने उसके व्यवहार व गतिविधियों के तौर तरीकों का अध्ययन किया और उसे ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित कैद कर लिया। इसी के साथ हिंसक वन्यजीव बाघ था या गुलदार, संशय दूर हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार तड़म में एक माह में दो घटनाओं में यही वयस्क नर बाघ शामिल रहा। उसे देर रात बेहोश करने के बाद रामनगर स्थित कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के रेस्क्यू सेंटर पहुंचा दिया गया। डीएफओ दीपक सिंह ने उम्मीद जताई है कि तड़म वासियों को मानव वन्यजीव टकराव से निजात मिल गई है।

तल्ला सल्ट में मोहान रेंज स्थित तड़म गांव के बौरड़ा तोक में बीते तीन मई की शाम 55 वर्षीय महिपाल सिंह मेहरा को बाघ ने मार डाला था। वह अपनी पत्नी के साथ घास लेकर लौट रहे थे। घर के पास ही खेत में महिपाल सिंह पर बाघ ने पीछे से हमला किया था। ग्रामीणों ने दावा किया था कि हमलावर बाघ ही था। वहीं हिंसक वन्यजीव बाघ है या गुलदार, डीएफओ दीपक सिंह के निर्देश पर वन विभाग पुष्टि के लिए ड्रोन व ट्रैप कैमरों की मदद से सर्च ऑपरेशन में जुटा था। वन क्षेत्राधिकारी गंगाशरण की अगुआई में वन कर्मियों की 30 सदस्यीय तीन टीम ने दिन-रात गश्त पर रही। ताकि पता लग सके कि क्षेत्र में किस वन्यजीव की गतिविधियां और रुख ज्यादा आक्रामक है। सीटीआर के विशेषज्ञों की भी मदद ली गई।

इधर मोहान सफारी जोन के ऊपरी भूभाग पर तड़म गांव की ओर बाघ की गतिविधियां ज्यादा मिलने पर डेरा जमाए विशेषज्ञ शूटर दल ने बीती देर रात आबादी की तरफ बढ़ रहे बाघ को ट्रैंकुलाइज कर लिया। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने मोहान सफारी जोन को भी बंद करा दिया था। गांव वालों का कहना था कि मोहान जोन में सफारी के जरिये मानवीय गतिविधियां बढ़ने से बाघ व गुलदारों का रुख आबादी की ओर बढने लगा है। अब अनिश्चितकाल के लिए वन्यजीव बहुल जंगल में जिप्सियों के प्रवेश पर लगी रोक अब हटने की उम्मीद है। है। वहीं बाघ प्रभावित क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से बंद तीन सरकारी विद्यालय पुन: खोले जाएंगे। वन क्षेत्राधिकारी गंगाशरण ने कहा कि एहतियातन गश्त के साथ बच्चों को वन कर्मियों की निगरानी में स्कूल छोडने व घर भेजने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगी।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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