उत्तराखंड बजट को लेकर वैभव पांडेय नगर महामंत्री अल्मोड़ा ने 2026-27 पर विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Mar 09, 2026 16:47
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आज विधानसभा में राज्य सरकार द्वारा लगभग ₹1.11 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया गया। सरकार इसे विकासोन्मुखी और ऐतिहासिक बजट बता रही है, लेकिन वास्तविकता...
आज विधानसभा में राज्य सरकार द्वारा लगभग ₹1.11 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया गया। सरकार इसे विकासोन्मुखी और ऐतिहासिक बजट बता रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह बजट प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। यह बजट ज़्यादा घोषणाओं और कम ठोस योजनाओं वाला प्रतीत होता है।प्रदेश में आज सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी और पलायन की है। उत्तराखंड के लाखों युवा रोजगार के अभाव में प्रदेश छोड़ने को मजबूर हैं, लेकिन इस बजट में युवाओं को स्थायी रोजगार देने के लिए कोई स्पष्ट और प्रभावी नीति दिखाई नहीं देती।
सरकार लगातार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन लगातार बढ़ रहा है, गांव खाली हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए बजट में कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आती। कृषि, बागवानी, लघु उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्र उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन इन क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए अपेक्षित स्तर पर बजट प्रावधान नहीं किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था जैसी मूलभूत समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। नगर निकायों को मजबूत करने और शहरों की आधारभूत सुविधाओं को सुधारने के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं दिखाई देते।
हमारा मानना है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को ऐसा बजट चाहिए था जो युवाओं को रोजगार, किसानों को मजबूती, पहाड़ों में बसावट और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर केंद्रित होता। दुर्भाग्य से यह बजट इन बुनियादी मुद्दों से भटका हुआ दिखाई देता है। हम सरकार से मांग करते हैं कि केवल कागजी घोषणाओं से आगे बढ़ते हुए प्रदेश की जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं जाएं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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