ओलंपिक मेजबानी के लिए उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या 10 अगस्त को उठाएंगी कांवर, 22 किलोमीटर पैदल यात्रा का लिया संकल्प, जन-जन से की भागीदारी अपील
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Aug 04, 2026 13:48
•
148 views
•
0 Comments
2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत को मिले, इसी संकल्प के साथ खेल मंत्री रेखा आर्या 10 अगस्त को हरिद्वार से पैदल कांवड़ यात्रा निकालेंगी। ऋषिकेश के भद्रकाली तक 22 किमी की इस विशेष पावन कांवड़ यात्रा में प्रदेश और देश के खिलाड़ी, युवा, खेल प्रेमी, महिलाएं तथा आम नागरिक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के भारत को खेल महाशक्ति बनाने और 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने के संकल्प को साकार करने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है। कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हरिद्वार के हर की पौड़ी से होगा और इसका समापन ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर में जलाभिषेक के साथ होगा। खेल मंत्री ने प्रदेश के युवाओं, खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, संत समाज और आमजन से 10 अगस्त को हर की पौड़ी से ऋषिकेश तक आयोजित यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यात्रा में संत समाज का सानिध्य रहेगा। कांवड़ यात्रा में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र रवींद्र पुरी महाराज भी अलग-अलग चरणों में सम्मिलित होंगे।
22 किलोमीटर की इस पदयात्रा के जरिए मंत्री रेखा आर्या फिट इंडिया का संदेश भी देंगी। मंत्री रोजाना दून स्थित एफआरआई परिसर में लंबी दूरी तक पैदल चलने का अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने शुरुआत 5 किलोमीटर की वॉक से की थी। इसके बाद 10 और अब रोजाना 22 किलोमीटर तक पैदल चल रही हैं। उनकी मीडिया टीम के अनुसार, 9 अगस्त तक वह प्रतिदिन 22 किलोमीटर पैदल चलेंगी। सावन के पहले सोमवार पर उमड़ी भारी भीड़ के बाद मंगलवार से कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या और तेजी से बढ़ने की संभावना है। मंगलवार सुबह नौ बजे पंचक समाप्त होने के साथ बड़ी संख्या में शिवभक्तों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए मेला प्रशासन और पुलिस ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को हरिद्वार पहुंचकर शिवभक्त कांवड़ियों का स्वागत करेंगे। इसी दिन मुख्यमंत्री सेवा शिविर का भी शुभारंभ होगा, जो 11 अगस्त तक संचालित रहेगा। प्रशासन के अनुसार पंचक समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल भरने के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं।
पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए इस बार भी मंगलवार से कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ने की उम्मीद है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, नगर निगम और अन्य विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख कांवड़ मार्गों, पार्किंग स्थलों, घाटों और मंदिरों पर अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को हरिद्वार पहुंचकर शिवभक्तों का स्वागत करेंगे। इस दौरान की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। कांवड़ यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी अपने माता-पिता के साथ शामिल हो रहे हैं। कोई नन्ही कांवड़ कंधे पर लेकर चल रहा है तो कोई मां-बाप की गोद में कई किलोमीटर की यात्रा तय कर रहा है। आस्था के साथ परिवारों को बच्चों की सुरक्षा और देखभाल की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है। कांवड़ यात्रा में बच्चों के साथ परिजनों को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ता है लेकिन यात्रा रुकती नहीं है। बुलंदशहर निवासी रजनी गोद में सात महीने की बेटी गोद में लेकर चल रही हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!