उत्तराखंड के डेटा सेंटर पर फिर साइबर अटैक, सीएम हेल्पलाइन पर 15 घंटे लगा रहा ‘ताला’
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Aug 03, 2026 05:49
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उत्तराखंड में साइबर हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्टेट डाटा सेंटर और सरकारी डिजिटल नेटवर्क पर प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख तक साइबर हमलों के प्रयास होते हैं। इसी बीच शनिवार को एक मैलवेयर हमले ने कई सरकारी विभागों की वेबसाइट को अपनी चपेट में ले लिया। सुरक्षा कारणों से वेबसाइटों को तत्काल बंद करना पड़ा, हालांकि आईटीडीए की साइबर सुरक्षा टीम ने दो घंटे के भीतर अधिकांश वेबसाइट का संचालन दोबारा शुरू करा दिया। मुख्यमंत्री राहत कोष की वेबसाइट को सामान्य करने में काफी समय लगा। साइबर हमलों से उत्तराखंड भी अछूता नहीं है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में सबसे बड़े साइबर हमले का राज्य सामना कर चुका है। उस समय तकरीबन 90 सरकारी वेबसाइट ठप हो गई थीं और उन्हें बहाल करने में कई दिन लग गए थे।
इस घटना के बाद राज्य सरकार ने डाटा बैकअप, साइबर मानीटरिंग और सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया। ये सारी प्रक्रियाएं तेजी से आगे चल रही थी। इस बीच शनिवार को फिर से साइबर हमलावरों ने स्टेट डाटा सेंटर की सुरक्षा पर सेंध लगा डाली। इसकी चपेट में मुख्यमंत्री राहत कोष, लोक निर्माण विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा अभिकरण, राज्य कर विभाग, परिवहन विभाग व पर्यटन विभाग समेत अन्य विभागों की वेबसाइट आईं। एहतियात के तौर पर इन वेबसाइट को अस्थायी रूप से बंद किया गया, ताकि किसी प्रकार की डाटा क्षति या सिस्टम से छेड़छाड़ न हो सके। संदिग्ध मैलवेयर गतिविधि का पता चलते ही साइबर सुरक्षा तंत्र सक्रिय कर दिया गया। तकनीकी टीम ने प्रभावित सर्वरों को अलग कर मैलवेयर की पहचान की और फिर सभी वेबसाइट को पुनर्स्थापित किया गया।
निदेशक आइटीडीए आलोक पांडेय ने बताया कि कुछ सर्वर पर मैलवेयर संक्रमण का समय रहते सफलतापूर्वक पता लगाकर उसे तत्काल नियंत्रित कर लिया गया। यह किसी सफल साइबर हमले, डाटा उल्लंघन अथवा राज्य के डिजिटल अवसंरचना से समझौता होने की घटना नहीं थी। सुरक्षा प्रोटोकाल के तहत जरूरी ऐहतियाती उपाय अपनाए गए। इस दौरान कुछ पोर्टल पर सीमित अवधि के लिए एक्सेस संबंधी तकनीकी त्रुटियां अनुभव की गईं थीं। विस्तृत तकनीकी जांच में सामने आया कि यह समस्या एप्लीकेशन कान्फिगरेशन से संबंधित थी, जिसमें सुधार कर सभी सेवाओं को सामान्य रूप से सुचारू कर दिया गया। किसी भी एप्लीकेशन व पोर्टल को बैकअप से रीस्टोर नहीं किया गया। उन्हाेंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुई। एक मशीन जिसमें मैलवेयर आया था, उसे हटा दिया गया। केवल दो घंटे के लिए ही सात से आठ वेबसाइट की सेवाएं प्रभावित हुई थी।
माना जा रहा है कि मैलवेयर का स्रोत रूस हो सकता है। वहां बैठे साइबर हमलावरों ने स्टेट डाटा सेंटर पर हमला किया है। अभी इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। प्रदेश में दो वर्ष पूर्व हुए साइबर हमले के बाद स्टेट डाटा सेंटर को सुरक्षित करने को कई कदम उठाए गए हैं। विशेषज्ञों की तैनाती के साथ ही साइबर सुरक्षा को कई उपाय किए गए। बावजूद इसके स्टेट डाटा सेंटर पर हुए हमले के बाद दो घंटे तक वेबसाइट का प्रभावित होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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