देहरादून

19 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने को लेकर उत्तराखंड में घमासान, आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Jul 29, 2026 18:08 4 views 0 Comments
19 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने को लेकर उत्तराखंड में घमासान, आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू

उत्तराखंड में 8 जून से 7 जुलाई तक चले एसआईआर के पहले चरण की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब दूसरे चरण की प्रक्रिया जारी है, एसआईआर के दूसरे चरण के तहत, जिन 19 लाख मतदाताओं की ओर से दी गई जानकारी में त्रुटियां पाई गई हैं उनको चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है, जिससे मतदाताओं की जानकारी में पाई गई त्रुटियों को दूर किया जा सके, निर्वाचन आयोग की ओर से इन सभी 19 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने के बाद राजनीतिक सियासत गरमा गई है, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इसे पश्चिम बंगाल जैसा मॉडल करार दे रही है, वहीं, भाजपा से सामान्य प्रक्रिया बता रही है, उत्तराखंड में एसआईआर के पहले चरण की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी थी, ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद कुल 71,33,785 मतदाताओं में से 27 फीसदी यानी 19,04,380 मतदाताओं की ओर से दी गई जानकारियों में त्रुटियां पाई गई, यही वजह है कि इन त्रुटियों को दूर करने के लिए चुनाव आयोग की ओर से इन सभी मतदाताओं को नोटिस भेजा गया है, जिससे उनकी ओर से दिए जाने वाले जवाब के आधार पर इन त्रुटियों को दूर किया जा सके, नोटिस की सुनवाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर में कैंप लगाए जाएंगे, इसके साथ ही मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अलावा नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी कैंप लगाए जाएंगे।

उत्तरकाशी जिले में 2,24,417 मतदाताओं में से 55,976 मतदाताओं के फॉर्म में पाई गई त्रुटि, चमोली जिले में 2,72,187 मतदाताओं में से 52,246 मतदाताओं के फॉर्म में पाई गई त्रुटि, रुद्रप्रयाग जिले में 1,80,786 मतदाताओं में से 42,469 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, टिहरी गढ़वाल जिले में 4,63,628 मतदाताओं में से 1,04,402 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, देहरादून जिले में 11,90,805 मतदाताओं में से 3,95,868 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, हरिद्वार जिले में 12,46,219 मतदाताओं में से 3,90,312 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, पौड़ी गढ़वाल जिले में 5,03,468 मतदाताओं में से 1,05,945 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, पिथौरागढ़ जिले में 3,41,497 मतदाताओं में से 70,065 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, बागेश्वर जिले में 2,00,919 मतदाताओं में से 40,998 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, अल्मोड़ा जिले में 4,71,938 मतदाताओं में से 77,566 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, चम्पावत जिले में 1,88,924 मतदाताओं में से 44,315 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, नैनीताल जिले में 6,93,325 मतदाताओं में से 1,88,054 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई, उधम सिंह नगर जिले में 11,55,672 मतदाताओं में से 3,36,164 मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटि पाई गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूची के अनुसार, देहरादून जिले में मौजूद मतदाताओं में से 33 फीसदी मतदाताओं की ओर से दी गई जानकारियों में विसंगतियां पाई गई हैं. इसी तरह, हरिद्वार जिले में 31 फ़ीसदी, उत्तरकाशी जिले में 25 फ़ीसदी, चमोली जिले 19 फ़ीसदी, रुद्रप्रयाग जिले में 23 फ़ीसदी, टिहरी गढ़वाल जिले में 23 फ़ीसदी, पौड़ी गढ़वाल जिले में 21 फ़ीसदी, पिथौरागढ़ जिले में 21 फ़ीसदी, बागेश्वर जिले में 20 फ़ीसदी, अल्मोड़ा जिले में 16 फ़ीसदी, चंपावत जिले में 23 फ़ीसदी, नैनीताल जिले में 27 फ़ीसदी और उधमसिंह नगर जिलें में 29 फ़ीसदी मतदाताओं की ओर से दी गई जानकारियों में विसंगतियां पाई गई हैं।

प्रदेश में जिन 19 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाना है, उसके पीछे मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 8 वजह बताए हैं, जिसमें, मतदाता और उनके माता-पिता के बीच का आयु अंतर 15 साल से कम है, मतदाता एवं उनके माता-पिता के बीच आयु का अंतर 50 साल से अधिक है, मतदाता और उनके दादा-दादी/ नाना- नानी के बीच आयु का अंतर 40 साल से कम है, दो भाई या भाई बहन के बीच आयु का अंतर 9 माह से कम है, एक ही मतदाता के साथ प्रोजेनी के रूप में 6 से ज्यादा है, मतदाता के संबंधी के नाम में कोई त्रुटि (सेल्फ/प्रोजेनी), मतदाता के खुद के नाम में कोई त्रुटि, लास्ट एसआईआर की मतदाता सूची में अनमैप्ड शामिल है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह ने कहा इन 19 लाख मतदाताओं पर लीगल कार्यवाही का डर दिखाकर, किसी तरह की कार्यवाही करके ये प्रयास कर रही है कि ये मतदाता अपील न करे, ये सभी लोग नोटिस का जवाब न दें, डर की वजह से घर में बैठ जाए, ये सभी 19 लाख मतदाता अपने मत का उपयोग न करें, साथ ही कहा कि भाजपा सरकार ने जिस तरह से पश्चिम बंगाल में खेला किया।

उसी तरह का खेल भाजपा सरकार यहां भी खेल रही है, जिसके चलते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आवाह्न किया है कि एक एक वोट कीमती है, हर एक वोटों के अधिकारों का रक्षा करना कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है, ऐसे में उत्तराखंड राज्य में वेस्ट बंगाल जैसे मॉडल को रिपीट नहीं करने देंगे, वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसके तहत निर्वाचन आयोग, मतदाता सूची का शुद्धिकरण और पुर्ननिरीक्षण करता है, ऐसे में जो वोटर नहीं हैं, जिनके गलत वोट बन गए हैं वो सभी वोट मतदाता सूची से बाहर होते हैं, ऐसी शिकायतें अन्य राज्यों में भी थे, और उत्तराखंड में भी देखे जा रहे हैं, ऐसे में जो यहां के निवासी नहीं होंगे, या जो एसआईआर की पात्रता सूची में नहीं आएंगे वो स्वतः ही बाहर हो जाएंगे, जिसमें जो हमारे बीच में नहीं है, जिन बच्चों की बाहर शादी हो गई या जो लोग किसी अन्य शहर में बस गए हैं।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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