रुद्रपुर गैंगरेप केस में क्राइम सीन रिक्रिएट करने के बाद लौटते समय पुलिस की अभिरक्षा से भागे दो आरोपी, पुलिसकर्मियों ने पकड़ा
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jul 28, 2026 17:14
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रुद्रपुर के चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में उस समय पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस की चंगुल से दो आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, ऐसे में पुलिसकर्मियों ने फिल्मी स्टाइल में दोनों को दौड़ाकर फिर से दबोच लिया, इसी बीच आक्रोशित भीड़ ने भी आरोपियों पर हाथ साफ कर दिया, गुस्साए लोगों ने आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी, वहीं, इस घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और अभिरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक पुलिस का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, रुद्रपुर के सामूहिक दुष्कर्म मामले में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण यानी क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के बाद दो आरोपियों को वापस कोतवाली लेकर लौट रही थी, इसी दौरान रास्ते में मौजूद भारी भीड़ का फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया, हालांकि, पुलिसकर्मियों ने तत्काल पीछा करते हुए दोनों को कुछ ही दूरी पर दबोच लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों के पकड़े जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, काफी संख्या में मौजूद लोगों ने दोनों आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी, भीड़ में शामिल लोग आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें फांसी की सजा दिए जाने की मांग कर रहे थे, कुछ लोगों ने आरोपियों पर लात-घूंसों से हमला भी किया, जिससे घटनास्थल पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पहले अपने स्तर पर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती गई, स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया, इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को पीछे हटाया और दोनों आरोपियों को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आरोपियों को भीड़ से निकालकर वाहन तक पहुंचाया, जिसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कोतवाली ले जाया गया, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते हस्तक्षेप नहीं करती, तो आरोपियों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, पुलिस अभिरक्षा में होने के बावजूद आरोपियों का भागने का प्रयास करना और उसके बाद भीड़ का उन तक पहुंच जाना सुरक्षा में चूक की आशंका को जन्म देता है, स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है, फिलहाल, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगी हुई है, साथ ही सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई और विवेचना भी नियमानुसार जारी है, पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी, आरोप था कि बदमाश दोनों को गदरपुर क्षेत्र की तरफ ले गए, जहां पहुंचने के बाद आरोपियों ने युवक को रास्ते में ही उतार दिया, जबकि, युवती को अपने साथ ले गए, पीड़िता का आरोप था कि इसके बाद तीनों आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया, पूरी रात अपने कब्जे में रखने के बाद रविवार की सुबह उसे मेट्रोपोलिस अंडरपास के पास छोड़कर फरार हो गए।
वहीं, किसी तरह पीड़िता ने अपने परिचितों और पुलिस को पूरे घटना की जानकारी दी, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, इसी कड़ी में बीती देर रात यानी 27-28 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे के आस पास आरोपियों को पुलिस दबोचने गई, जहां आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के मुताबिक, पुलिस के जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि, दो अन्य आरोपियों को मौके से दबोच लिया गया, जिसके बाद एक आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तो दो अन्य आरोपियों को आज घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट किया गया, जहां से वापसी आने के दौरान यह पूरा घटनाक्रम हुआ।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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