आपराधिक मामले में माननीय अदालत ने किया अभियुक्तगणों को दोषमुक्त, अधिवक्ता रोहित कार्की ने की पैरवी
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Dec 04, 2025 11:05
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अल्मोड़ा के न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा रविंद्र देव मिश्र की अदालत ने एक फौजदारी मुकदमे में अभियुक्तगण को दोष मुक्त क...
अल्मोड़ा के न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा रविंद्र देव मिश्र की अदालत ने एक फौजदारी मुकदमे में अभियुक्तगण को दोष मुक्त कर दिया। अभियोजन के कथन अनुसार दिनांक 16.9.2016 को नंदन सिंह बोरा क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी द्वारा एक ट्रक में घरेलू रसोई गैस के 234 सिलेंडरों में से 30 सिलेंडरों के गैस चोरी होने के मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 तथा आईपीसी 420 के उल्लंघन में ट्रक चालक और ट्रक मालिक के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उक्त बरामद सिलेंडरों 203 भरे और 30 खाली सिलेंडर को और दो बांसुरी मय ट्रक को स्टोर कीपर किशन सिंह जलाल गैस सर्विस अल्मोड़ा को इस आशय से सौंपा गया था कि वह दोनों माल मुकदमाती को अपनी सुरक्षा में रखेंगे।
परंतु दिनांक 5.5.2017 को न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा के आदेश दिनांक 10.4.2017 के अनुपालन में नंदन सिंह बोरा क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी द्वारा ट्रक को अवमुक्त करते समय सिलेंडरों की पुनः जांच की गई तो उसमें 222 भरे और 1 खाली सिलेंडर मिला। कुल 223 सिलेंडर पाए गए।जिनको तोल कर किशन सिंह जलाल स्टोर कीपर की सुपुर्दगी में दिए गए जिन्हें उनके द्वारा गैस गोदाम में रखा गया,जबकि पूर्व में गैस सिलेंडरों को सुपुर्दगी देते समय गैस गोदाम में न रखकर ट्रक में ही छोड़ दिया गया इस प्रकार 10 सिलेंडर ट्रक में कम पाए गए।नंदन सिंह बोरा द्वारा बताया गया कि जो खाली सिलेंडर इस समय पाए गए हैं उनका नंबर माल मुकदमाती सुपुर्दगी करते समय सिलेंडरों नंबर से भिन्न थे।
अभियुक्तगण किशन सिंह जलाल और राजीव कुमार पर अपराध के आरोप विचारण माननीय न्यायालय चला।अभियुक्तों ने आरोपों को इंकार किया और अपना पक्ष रखने की बात कही। अभियोजन के द्वारा अपने सात गवाहों की गवाही माननीय न्यायालय में कराई ।अभियोजन की गवाही समाप्त होने के पश्चात अभियुक्त को बयान लिए गए,जिसमें अभियुक्त किशन सिंह जलाल ने कहा कि मुझ पर झूठा मुकदमा चलाया गया है मेरा पद मैकेनिक का था टी एन उपाध्याय और नंदन सिंह बोरा के द्वारा झूठी कार्रवाई की गई है अभियुक्त राजीव कुमार द्वारा भी झूठा चलाने का बताया गया और कहा गया कि मैं प्रबंधक के पद पर नहीं था रंजिशन फंसाया गया हैं।बहस के दौरान अभियुक्त किशन सिंह जलाल के अधिवक्ता रोहित कार्की द्वारा तर्क दिया गया कि अभियुक्त किशन सिंह जलाल स्टोर की पर के पद पर तैनात ही नहीं था वह मैकेनिक के पद पर था जबकि अभियोजन द्वारा ऐसा कोई भी प्रमाण नहीं दिया गया है जिससे प्रदर्शित होता है कि किशन सिंह जलाल 16.9.2016 से 5 मार्च 2017 तक स्टोर कीपर के पद पर थे।
अभियोजन पक्ष देर से की गई एफ आई आर का कोई भी पर्याप्त कारण नहीं बता पाया जिस कारण अभियुक्तों को धारा 406 आई पी सी के आरोप से दोषमुक्त किया गया।अभियोजन पक्ष अपने गवाहों और दस्तावेज से यह भी साबित करने में असफल रहा कि जो ट्रक एवं गैस सिलेंडरों को अभियुक्त किशन सिंह जलाल और राजीव कुमार को सुपुर्द किया था उसमें 10 सिलेंडरों की खुर्द की गई हो।माननीय न्यायालय के अनुसार अभियोजन पक्ष अभियुक्त किशन सिंह जलाल और राजीव कुमार के विरुद्ध 409 दंड प्रक्रिया का आरोप युक्त संदेश पर करने में असफल रहा।दोनों पक्षों की बहस गवाही और बचाव पक्ष के दस्तावेज पर गौर करने के बाद न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया।अभियुक्त राजीव कुमार की तरफ़ से एडवोकेट भगवती प्रसाद पांडे व दीप चंद्र जोशी और अभियुक्त किशन सिंह जलाल की ओर से एडवोकेट रोहित कार्की ने प्रबल पैरवी की।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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