चमोली के कुरुड़ स्थित नंदा धाम से मां नंदा देवी की 12 वर्षीय बड़ी जात यात्रा आज से कैलास के लिए शुरू
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Sep 05, 2026 10:30
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चमोली में बारह वर्ष में आयोजित होने वाली मां नंदा देवी की बड़ी जात शनिवार को चमोली जिले के कुरुड़ स्थित नंदा धाम से कैलास के लिए रवाना होगी। पांच निर्जन और 21 आबादी वाले पड़ावों से पैदल गुजरने वाली 296 किमी की इस धार्मिक यात्रा की अगुआई चौसिंग्या खाडू (चार सींग वाला मेढ़ा) करेगा। उसे 20 सितंबर को होमकुंड में देवी नंदा के साथ कैलास के लिए विदा किया जाएगा। इसके बाद बड़ी जात विभिन्न पड़ावों से देवराड़ा के लिए वापसी करेगी। बड़ी जात का हिस्सा बनने लिए धियाणियों (ब्याहता बेटियां) के साथ ही बड़ी तादाद में प्रवासी अपने गांव पहुंचे हैं।
नंदा देवी राजजात यात्रा उत्तराखंड की सबसे पवित्र, सांस्कृतिक और कठिन पैदल यात्राओं में से एक है, जिसे इसकी अपार आध्यात्मिक मान्यता और पारंपरिक 12-वर्षीय चक्र के कारण "हिमालयी कुंभ" भी कहा जाता है। गढ़वाल और कुमाऊँ की लोक-संस्कृति में गहराई से रची-बसी यह यात्रा क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी नंदा देवी के अपने मायके (नौटी गाँव) से अपने पति भगवान शिव के निवास स्थान (त्रिशूल पर्वत) जाने की भावुक विदाई का प्रतीक है। इस मुख्य महायात्रा का शुभारंभ चमोली जिले Nauti Village से होता है, जिसकी अगुवाई कांसवा के राजवंशियों द्वारा लाई गई माता की पवित्र छातोली (छतरी) और एक प्राकृतिक रूप से चार सींगों वाला खाडू (चौसिंग्या खाडू) करता है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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