देहरादून में किशोरी के अपहरण की घटना का खुलासा, मां ने ही बेटी को बेचा, डेढ़ लाख में किया था सौदा, चार गिरफ्तार
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Aug 03, 2026 19:34
•
24 views
•
0 Comments
देहरादून में हुए नाबालिग के अपहरण के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि नाबालिग की मां ने ही बेटी को शादी के लिए बेचा था। पीड़िता की मां ने डेढ़ लाख रुपये में उसका सौदा किया था। उसने सौदे की पूरी रकम न मिलने पर नाबालिग के अपहरण की झूठी कहानी गढी थी। घटना में शामिल पीड़िता की मां सहित चार आरोपियों को पुलिस ने यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया है। वहीं, बच्ची को भी मुज्जफरनगर से बरामद किया है। सामने आया कि आरोपियों ने विवाह के लिए पीड़िता का अन्य आरोपी से दो लाख रुपये में सौदा किया था। थाना राजपुर क्षेत्र निवासी महिला ने अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी के कथित अपहरण की शिकायत थाना राजपुर में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर नाबालिग की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल पुलिसिंग के जरिए जांच करते हुए नाबालिग के मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में होने की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर पहुंचकर गोपनीय कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया तथा मामले में शामिल दो आरोपियों मनीष और लवी कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी लवी कुमार ने बताया कि उसने महिला के माध्यम से नाबालिग को उसकी मां से डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। बाद में उसने नाबालिग को दो लाख रुपये में मनीष को बेच दिया, जिसने विवाह के उद्देश्य से उसे खरीदा था।
दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरनगर से पिंकी मलिक तथा देहरादून के आईटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से नीलम देवी को भी गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 64, 3(5), 65(1), 87, 143 बीएनएस के साथ ही पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6 एवं 16/17 की बढ़ोतरी की गई है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!