अल्मोड़ा में सामाजिक संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा विवेकानंद द्वार के समीप स्थित शराब की दुकान के विरोध में धरना-प्रदर्शन
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Apr 25, 2025 10:18
•
1 views
•
0 Comments
आज अल्मोड़ा नगर में समस्त पार्षदगण, सामाजिक संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा विवेकानंद द्वार के समीप स्थित शराब की दुकान के विरोध में जोरदार ध...
आज अल्मोड़ा नगर में समस्त पार्षदगण, सामाजिक संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा विवेकानंद द्वार के समीप स्थित शराब की दुकान के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इस अवैध शराब दुकान को अविलंब हटाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यह दुकान एक धार्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक क्षेत्र के समीप स्थित है, जो समाज में गलत संदेश दे रही है और युवाओं को ग़लत दिशा में ले जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान सभी लोगों ने एक सुर में चेतावनी दी कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर शराब की दुकान को उक्त स्थान से स्थानांतरित नहीं किया गया, तो एक बड़े जनांदोलन की शुरुआत की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
यह आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण रहा और इसमें जनहित की भावना सर्वोपरि रही। धरने मैं पार्षद दीपक कुमार, मधु बिष्ट, चंचल दुर्गापाल, वैभव पाण्डेय,विकाश कुमार,अनूप भारती, गुंजन चमयाल ,मुकेश कुमार,सामाजिक कार्यकर्ता महेश चंद्र आर्य ,चंचल दुर्गापाल ,भुवन अधिकारी ,वकुल शाह, अश्विन नेगी,ललित सिंह फर्त्याल ,गौरव भंडारी ,मोहन चौहान ,रोहित सिंह ,प्रदीप भाकुनी ,राहुल फुलारा ,सुशील साह ,पुरन सिंह रौतेला ,रमेश नेगी ,राधा बिष्ट, लता तिवारी ,तारा तिवारी ,फ़ेमिना खान ,रविंद्र कुमार टम्टा ,राहुल गुप्ता कमल बिष्ट ,सुभम जोशी ,भरत मेहरा ,सुंदर सिंह बिष्ट ,निशांत पांडेय ,कुणाल ,अनुराग ,पवन ,दीपेश ,उज्जवल नेगी ,पंकज जोशी ,राहुल ,कंचन उप्रेती ,रंजना ग़ैरा ,राहुल अधिकारी ,विनय कनवाल ,विशाल बिष्ट ,नीरज डंगवाल ,जगदीश तिवारी ,किरण आर्या ,दिनेश पांडेय ,हर्षित रावत ,भैरव गोस्वामी ,बलवंत सिंह राणा ,नीरज बोरा ,दिनेश पिलख्वाल आदि लोग मौजूद रहे।।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!