अल्मोड़ा

अल्मोड़ा में तीन दिनों से लापता था पुलिसकर्मी, मछोड़ के पास गहरी खाई में मिला शव और वाहन, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत May 05, 2026 00:31 1 views 0 Comments
अल्मोड़ा में तीन दिनों से लापता था पुलिसकर्मी, मछोड़ के पास गहरी खाई में मिला शव और वाहन, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां बीते तीन दिनों से लापता चल रहे एक पुलिसकर्मी की गाड़ी और उनका शव गहरी खाई से बरामद क...

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां बीते तीन दिनों से लापता चल रहे एक पुलिसकर्मी की गाड़ी और उनका शव गहरी खाई से बरामद किया गया है, शव को रेस्क्यू कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है, माना जा रहा है कि यह हादसा ही है, लेकिन जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी कि असली वजह क्या थी? जानकारी के मुताबिक, बीती 24 अप्रैल को भतरौजखान थाने से रवाना हुए कांस्टेबल संजीव कुमार का लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिल पाया था, उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा था, जिससे परिजनों और पुलिस विभाग की चिंता बढ़ गई थी, बताया जा रहा है कि संजीव कुमार रामनगर से अल्मोड़ा की ओर आ रहे थे, इसी दौरान मछोड़ के पास पाटीगैर क्षेत्र में उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।

घटना का पता तब चला जब 1 मई से पुलिस ने व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया, काफी खोजबीन के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन संख्या UK 18 Q 2132 और उसमें सवार कांस्टेबल का शव बरामद किया गया, मृतक की पहचान संजीव कुमार पुत्र इकबाल सिंह (उम्र 45 वर्ष) निवासी साईं कॉलोनी, कुंडेश्वरी, काशीपुर (उधम सिंह नगर) के रूप में हुई है, इस घटना से पुलिस विभाग और क्षेत्र में शोक की लहर है, तलाशी अभियान में अपर उप निरीक्षक करतार सिंह समेत पुलिस के अन्य जवान शामिल रहे, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, साथ ही आगे की जांच जारी है, प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण वाहन का अनियंत्रित होकर खाई में गिरना माना जा रहा है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

Enjoyed this article?

Share it with your friends and colleagues.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment