विश्व पर्यावरण दिवस पर मानसखंड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jun 05, 2025 12:44
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अल्मोड़ा, 5 जून 2025 – विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मानसखंड विज्ञान केंद्, अल्मोड़ा में एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थ...
अल्मोड़ा, 5 जून 2025 – विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मानसखंड विज्ञान केंद्, अल्मोड़ा में एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “Beat Plastic Pollution (प्लास्टिक प्रदूषण को हराओ)” को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण के विरुद्ध जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पर्यावरण विज्ञानी डॉ. एस. एस. सामंत, मानसखंड विज्ञान केंद्र, ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा:
“प्लास्टिक प्रदूषण आज मानव जाति के लिए एक गंभीर संकट बन गया है। इस समस्या से निपटने के लिए हमें पुनः उपयोग (Reuse), पुनर्चक्रण (Recycle) और पुनर्विचार (Rethink) की रणनीति को अपनाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्त्वपूर्ण है।
इसके अतिरिक्त, पर्यावरण विज्ञानी डॉ. जी. सी. एस. नेगी ने पौधों की जैविक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा:
पौधे और पेड़ प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया के माध्यम से न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जो जीवन के लिए अनिवार्य है, बल्कि वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को भी अवशोषित करते हैं। ये प्राकृतिक कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं और जलवायु परिवर्तन की गति को कम करने में सहायक होते हैं।
इस अवसर पर मानसखंड विज्ञान केंद्र के समस्त स्टाफ सदस्यों ने मिलकर केंद्र के जैव विविधता परिसर में पौधारोपण किया। इस दौरान स्थानीय व देशी प्रजातियों के वृक्ष लगाए गए, जिनमें फलदार, छायादार और औषधीय पौधे शामिल थे। इस पहल का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ पर्यावरण देना भी है। इस कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों को यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयास, जैसे एक पौधा लगाना या प्लास्टिक का उपयोग कम करना, बड़े परिवर्तन की शुरुआत हो सकते हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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