कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एलान परमवीर चक्र विजेताओं की सम्मान राशि बढ़ाई जाएगी
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jul 26, 2026 20:53
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कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के गांधी पार्क स्थित शौर्य स्थल पहुंचकर वीर जवानों को याद किया। उन्होंने शहीदों के स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली सम्मान राशि को डेढ़ करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान कहा ‘वीर सैनिकों के सम्मान के प्रति हमारी सरकार पूरी तरह से समर्पित है। इसी क्रम में आज मैं परमवीर चक्र से अलंकृत वीर सैनिकों को प्रदान की जाने वाली अनुग्रह राशि 1.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने की घोषणा करता हूं।’
सीएम ने कहा कि ‘कारगिल के शहीदों का बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता। हालांकि, उन्होंने इस बात पर गहरी निराशा व्यक्त की कि साल 2004 से लेकर 2009 के बीच देश में कारगिल विजय दिवस नहीं मनाया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। इस गरिमामयी समारोह के दौरान देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों की वीर नारियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द सैन्यधाम का भी भव्य उद्घाटन होगा।’ धामी ने आगे कहा ‘मुझे अपने पिताजी से हमारे वीर सैनिकों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान की गाथाएं निकटता से सुनने का अवसर मिला है। वे सदैव भारतीय सेना के प्रति सम्मान और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरित रहे हैं। आज मुझे गर्व है कि एक सैनिक पुत्र के रूप में मुझे भी सैन्यभूमि उत्तराखंड की सेवा का अवसर प्राप्त हो रहा है।’
समारोह में उपस्थित सैनिक कल्याण एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों और शहीद आश्रितों के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही, कैबिनेट मंत्री ने मंच से शहादत पर परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को भी बढ़ाने की मांग उठाई। इस मौके पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, मेजर जनरल शम्मी सभरवाल, प्रताप सिंह रावत और ज्योति कोटिया सहित सेना के कई पूर्व अधिकारी, जवान उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि करगिल युद्ध में उत्तराखंड के वीर सपूतों ने बड़ी संख्या में अग्रणी भूमिका निभाते हुए देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। देश सदैव अपने वीर सैनिकों और शहीदों के बलिदान का ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है, जिस पर हमें गर्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। छोटा राज्य होने के बावजूद देश की रक्षा में हमारा योगदान उल्लेखनीय रहा है। सैनिक परंपरा वाले वीरभूमि उत्तराखंड में पीढ़ियों से लगभग हर परिवार से वीर व वीरांगनाएं देश की रक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं। हमें अपनी सैनिक परंपरा और देशभक्ति की विरासत पर गर्व हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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