देहरादून

मसूरी में एसडीएम ऑफिस कैंपस में भयंकर लैंडस्लाइड, कमरे की दीवार तोड़ घर के अंदर घुसी चट्टान

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Aug 05, 2026 16:27 11 views 0 Comments
मसूरी में एसडीएम ऑफिस कैंपस में भयंकर लैंडस्लाइड, कमरे की दीवार तोड़ घर के अंदर घुसी चट्टान

पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश अब सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करने लगी है, बुधवार सुबह एसडीएम कार्यालय परिसर स्थित सरकारी आवासों पर अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर टूट पड़ा, भारी चट्टान एक सरकारी आवास की पत्थर की दीवार को तोड़ते हुए कमरे तक पहुंच गई, हादसे के वक्त कमरे में कर्मचारी गोविंद सिंह नेगी, उनकी पत्नी और छोटा बच्चा मौजूद थे, गनीमत रही कि परिवार बाल-बाल बच गया, हालांकि उनकी पत्नी को मामूली चोट आई है, गोविंद सिंह नेगी ने बताया कि सुबह अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, इससे पहले कि परिवार कुछ समझ पाता, पहाड़ से टूटकर आई चट्टान कमरे की दीवार तोड़कर अंदर आ गई, जिस स्थान पर चट्टान गिरी, उससे कुछ ही दूरी पर उनका बिस्तर था, उन्होंने कहा कि यदि पत्थर की मजबूत दीवार की जगह ईंट की दीवार होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

गोविंद सिंह ने बताया कि एसडीएम कार्यालय परिसर के इन पुराने सरकारी आवासों में करीब पांच परिवार रहते हैं, बरसात के दौरान पहाड़ी से छोटे-बड़े पत्थर गिरना आम बात है, लेकिन इस बार पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटने से पूरे परिसर में दहशत का माहौल है, परिवारों का कहना है कि हर बारिश में जान हथेली पर रखकर रहना पड़ता है, स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार, सरकारी आवास अंग्रेजों के समय के बने हुए हैं, ये अब काफी जर्जर हो चुके हैं. लंबे समय से इनके पुनर्निर्माण और पहाड़ी के ट्रीटमेंट की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। 

घटना की सूचना एसडीएम मसूरी राहुल आनंद को दे दी गई है, गोविंद सिंह ने बताया कि एसडीएम ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है, उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, जल्द ही क्षतिग्रस्त भवन तथा पहाड़ी का निरीक्षण कराया जाएगा। हादसे के बाद सरकारी कर्मचारियों ने जर्जर आवासों के पुनर्निर्माण, पहाड़ी के वैज्ञानिक ट्रीटमेंट और सुरक्षित स्थान पर वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की मांग उठाई है, उनका कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक इन भवनों में रहना जोखिम भरा है, लगातार हो रही बारिश के बीच यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि संवेदनशील क्षेत्रों में बने पुराने सरकारी आवासों की सुरक्षा का तत्काल आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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