पिथौरागढ़ में 11000 फीट की ऊंचाई पर चीन सीमा से सटे इस गांव में पहली बार पहुंची कोई गाड़ी, ग्रामीणों में खुशी के लहर
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Nov 01, 2026 21:23
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पिथौरागढ़ में चीन सीमा से लगे गांव में पहुंची सड़क, पिथौरागढ़ जिले की दारमा घाटी के सीपू गांव में आजादी के बाद पहली बार सड़क से वाहन पहुंचा। करीब 11820 फीट की ऊंचाई पर बसे इस गांव तक 24 अक्टूबर को पहली बार गाड़ी पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार और संबंधित विभाग का आभार जताया। सड़क पहुंचने से स्थानीय लोगों को आवागमन में राहत मिलने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिशासी अभियंता किशन सिंह ऐरी ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत तिदांग, मारछा और सीपू गांवों को जोड़ने के लिए करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। जुलाई 2024 में शुरू हुए इस काम के तहत 24 अक्टूबर को सड़क को फिलहाल अस्थायी रूप से गांवों तक जोड़ दिया गया है।
उन्होंने बताया कि सड़क पर पागल नाला (च्यो यांगती) में 60 मीटर, धौली नदी में 100 मीटर और सीपू-मारछा के बीच न्योला व लच्छर नदी पर 42 मीटर के स्टील पुल समेत कुल छह मोटर पुल बनाए जाने हैं। इन पुलों के निर्माण के लिए डीपीआर शासन को भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। सड़क का काम वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम प्रधान सरोजनी सीपाल ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार गांव में गाड़ी पहुंचने से ग्रामीण बेहद खुश हैं। सड़क बनने से पहले लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। अब गांव तक वाहन पहुंचने से लोगों को यह दूरी पैदल तय नहीं करनी पड़ेगी। खासकर बुजुर्गों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीणों के अनुसार, सीपू गांव में प्रसिद्ध मूर्तिकार डीआर सीपाल ने कुछ महीने पहले राजुला-सुनपति शौकयानी और स्वामी विवेकानंद की मूर्तियां बनाई थीं। इन मूर्तियों से गांव की खूबसूरती बढ़ी है। साथ ही यहां आने वाले लोगों को इन महान व्यक्तित्वों के इतिहास और उनसे जुड़ी जानकारी जानने का अवसर मिलता है।
सड़क सुविधा मिलने से अब बाहरी पर्यटक भी गांव तक आसानी से पहुंच सकेंगे। यहां मूर्तियों के अलावा महादेव गुफा, महादेव के पदचिह्न, मिलती बाई ताल और पार्वती ताल जैसे धार्मिक व प्राकृतिक स्थल हैं। वहीं गांव से करीब 21 किलोमीटर दूर छू मापांग ताल और आंचरी ताल भी आकर्षण का केंद्र हैं। उन्होंने बताया कि सड़क पहुंचने के बाद दो दिन पहले ही गांव के 8-10 परिवार माइग्रेशन के दौरान वाहन से धारचूला पहुंचे। यह भी गांव के लोगों के लिए पहला अनुभव था। ग्रामीणों ने गांव तक सड़क सुविधा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार और विभाग का आभार जताया। 85 वर्षीय पूर्व ग्राम प्रधान सुंदर सिंह सीपाल के साथ ज्ञान सिंह सीपाल, जीवन सीपाल और रेखा सीपाल ने भी गांव तक पहली बार वाहन पहुंचने को अपना सपना पूरा होने जैसा बताया।
ग्रामीणों के अनुसार, सीपू गांव में प्रसिद्ध मूर्तिकार डीआर सीपाल ने कुछ महीने पहले राजुला-सुनपति शौकयानी और स्वामी विवेकानंद की मूर्तियां बनाई थीं। इन मूर्तियों से गांव की खूबसूरती बढ़ी है। साथ ही यहां आने वाले लोगों को इन महान व्यक्तित्वों के इतिहास और उनसे जुड़ी जानकारी जानने का अवसर मिलता है। सड़क सुविधा मिलने से अब बाहरी पर्यटक भी गांव तक आसानी से पहुंच सकेंगे। यहां मूर्तियों के अलावा महादेव गुफा, महादेव के पदचिह्न, मिलती बाई ताल और पार्वती ताल जैसे धार्मिक व प्राकृतिक स्थल हैं। वहीं गांव से करीब 21 किलोमीटर दूर छू मापांग ताल और आंचरी ताल भी आकर्षण का केंद्र हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सड़क सुविधा बेहतर होने से दारमा घाटी के इन खूबसूरत और धार्मिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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