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अल्मोड़ा जेल में, बंदी के बैरक की टॉयलेट सीट से स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Feb 04, 2026 10:43 1 views 0 Comments
अल्मोड़ा जेल में, बंदी के बैरक की टॉयलेट सीट से स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले

जिला कारागार में सुरक्षा में चूक के मामले थमने के नाम नहीं ले रहे हैं। अल्मोड़ा जेल एक बार फिर सुर्खियों में है। तलाशी के दौरान जेल में एक सिद्धदोष ब...

जिला कारागार में सुरक्षा में चूक के मामले थमने के नाम नहीं ले रहे हैं। अल्मोड़ा जेल एक बार फिर सुर्खियों में है। तलाशी के दौरान जेल में एक सिद्धदोष बंदी के बैरक की टॉयलेट सीट से स्मार्ट वॉच समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए है। इस मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। जेल प्रशासन की ओर से अल्मोड़ा कोतवाली में सौंपी गई तहरीर में कहा कि 2 फरवरी को सिद्धदोष बंदी प्रवीण वाल्मीकि पुत्र मोहन लाल उर्फ मदन लाल निवासी-नई बस्ती कोतवाली गंगनहर रुड़की, जिला-हरिद्वार की शेल/कमरे की तलाशी की गई। तलाशी के समय सिद्धदोष बंदी प्रवीण वाल्मीकि पुत्र मोहन लाल उर्फ मदन लाल उपस्थित नहीं था। बंदी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / स्पेशल जज गैग० एक्ट हरिद्वार में पेशी में गया था।

तलाशी के दौरान सेल की टॉयलेट सीट के भीतर छिपाकर रखा गया एक चार्जर, दो डाटा केबल एक सफेद व एक काले रंग की, एक स्मार्ट वाच चार्जर केबल तथा दो पतले तार बरामद किए गए। सूचना मिलने पर जेल अधीक्षक जिला कारागार जयंत पांगती के निर्देश पर टॉयलेट सीट को तुड़वाकर दोबारा तलाशी कराई गई। इस दौरान एक स्मार्ट वॉच बरामद हुई। स्मार्ट वाच के जांच में स्मार्ट वाच की कांटेक्ट सूची में अलग अलग नाम से 12 मोबाइल नंबर दर्ज मिले हैं। कारागार प्रशासन ने बरामद समस्त सामग्री को सीलबंद कर साक्ष्य सहित कोतवाली अल्मोड़ा भेज दिया है। जेल अधीक्षक जयंत पांगती की ओर से उत्तराखंड कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं अधिनियम 2024 की धारा 39 के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।

जेल अधीक्षक जयंत पांगती की तहरीर पर पुलिस ने कारागार अधिनियम, 1894 की धारा 42 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। बंदी के कमरे से एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के मिलने से जेल प्रबंधन पर तमाम सवाल खड़े हो रहे है। आखिर जेल में प्रतिबंधित यह वस्तुएँ बैरक में बंदी के पास तक कैसे पहुंची, किस मकसद से यह बंदी तक पहुंचाई गई थी, क्या बंदी कोई प्लानिंग में था, ऐसे तमाम सवाल खड़े हो रहे है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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