अल्मोड़ा

अल्मोड़ा में 10 मई को शारदा पब्लिक स्कूल में भव्य शास्त्रीय संगीत समारोह का आयोजन

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत May 08, 2026 10:03 1 views 0 Comments
अल्मोड़ा में 10 मई को शारदा पब्लिक स्कूल में भव्य शास्त्रीय संगीत समारोह का आयोजन

"लखनऊ का तबला घराना और गुरु शिष्य परंपरा" खलीफा उस्ताद आफाक हुसैन खां की स्मृति में दिनांक 10 मई को शाम 4 बजे से अल्मोड़ा के शारदा पब्लिक स्कूल की प्...

"लखनऊ का तबला घराना और गुरु शिष्य परंपरा" खलीफा उस्ताद आफाक हुसैन खां की स्मृति में दिनांक 10 मई को शाम 4 बजे से अल्मोड़ा के शारदा पब्लिक स्कूल की प्रेक्षागृह में शास्त्रीय संगीत समारोह का आयोजन होने जा रहा है। इस संगीत समारोह में देश के लब्ध प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ साथ अल्मोड़ा के स्थानीय युवा प्रतिभा भी हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह है कि गुरु शिष्य परम्परा के अन्तर्गत लखनऊ घराने (तबला) की वादन शैली को आगे बढ़ायें। किसी भी घराने की वादन शैली को आगे बढ़ाने के दो तरीके हैं पहला वंश परंपरा जिसमें पीढ़ी दर पीढ़ी उस कला को आगे बढ़ाया जाता है, दूसरा शिष्य परंपरा जो वंश परंपरा द्वारा सीखे हुए शिष्यों द्वारा उस वादन या गायन शैली को आगे बढ़ाते हैं। इस क्रम में खलीफा उस्ताद आफाक हुसैन खां लखनऊ घराने (तबला)की सातवीं पीढ़ी के खलीफा हैं। उस्ताद आफाक हुसैन खान शास्त्रीय संगीत में तबला जगत के शीर्षस्थ कलाकारों में से एक थे, जिनकी वादन शैली पूरे विश्व में सभी बड़े बड़े कलाकार बजा रहे हैं।

उस्ताद आफाक हुसैन खां के व्यक्तित्व के बारे में हम कह सकते हैं कि वो एक संत थे, क्योंकि कलाकार तो कई पैदा होते हैं, लेकिन कलाकार के साथ साथ अच्छा व्यक्तित्व होना कम देखने को मिलता है। जो उस्ताद आफाक हुसैन खां साहब के अन्दर था।
श्री पंकज कुमार चौधरी उस्ताद आफाक हुसैन खां के गंडाबंद शिष्य हैं। पंकज कुमार चौधरी ने लगभग चालीस वर्ष पूर्व इसी आध्यात्मिक नगरी और सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में आकर अन्य शिष्य तैयार किए। जिनमें मुख्य रूप से श्री राजेन्द्र सिंह न्याल और सुनील कुमार हैं, जो भातखंडे संगीत महाविद्यालय में तबले के शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। इन शिष्यों ने उसी वादन शैली परम्परा को आगे बढ़ाते हुए अन्य शिष्य भी तैयार कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में उनके दो शिष्य राजकुमार एवं ऋतु जोशी भी तबले में अपनी प्रस्तुति देंगे। उनके साथ हारमोनियम पर संगत देंगी श्रीमती नेहा मुनगली।

शास्त्रीय संगीत के इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम उन गुणी जनों को सम्मानित किया जायेगा जिन्होंने अपनी जिंदगी में संगीत की सेवा की है और कर रहे हैं।इस वर्ष जिन लोगों को सम्मानित किया जा रहा है, उनके नाम

  1. पण्डित चंद्रशेखर तिवारी – सरोद वादन के क्षेत्र में
  2. श्री निर्मल पंत – तबला एवं गायन के क्षेत्र में
  3. श्री प्रभात शाह – गायन एवं संगीतकार के क्षेत्र में
  4. श्रीमती लता पाण्डेय –गायन के क्षेत्र में     
  5. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खलीफा उस्ताद इल्मास हुसैन खां होगे, जो उस्ताद आफाक हुसैन खां के सुपुत्र हैं।
    कार्यक्रम का आरम्भ परम्परा अनुसार शारदा पब्लिक स्कूल अल्मोड़ा के छात्र और छात्राओं द्वारा स्वागत गीत से होगा।
    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा मुंबई से पधारे देश के जाने माने तबला वादक पंडित योगेश समशीजी। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग पूरे विश्व में अपनी कला से ख्याति अर्जित की है। इनके साथ अयोध्या से पधारे जाने माने युवा हारमोनिपम वादक श्री दिनकर द्विवेदी हारमोनियम पर लहरा देंगे। अन्य आकर्षण, लखनऊ से श्रीमती रश्मि चौधरी का शास्त्रीय गायन होगा। इनके गायन के साथ लखनऊ घराने के खलीफा उस्ताद इल्मास हुसैन खां तबले में संगत करेंगे एवं हारमोनियम पर श्री दिनकर द्विवेदी। शास्त्रीय संगीत के इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों में श्री पंकज कुमार चौधरी, शारदा पब्लिक स्कूल के संस्थापक श्री शेखर लखचौरा, शारदा पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती विनीता लखचौरा, श्री राघव पंत श्री अशोक पाण्डेय,श्री राजेन्द्र सिंह न्याल एवं सुनील कुमार हैं तथा अन्य मित्रगण और शिष्यगण भी हैं। अतः संगीत रसिक जनों से विनम्र अनुरोध है कि सभी सुधी श्रोता इस कार्यक्रम में अपना अमूल्य समय देकर कार्यक्रम को सफल बनाएं और उसकी शोभा बढ़ाएं।
सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

Enjoyed this article?

Share it with your friends and colleagues.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment