चमोली

चमोली में सड़क के अभाव में डोली के सहारे अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग की मौत, महिलाओं का संघर्ष भी न बचा सका जिंदगी

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Sep 22, 2026 08:38 15 views 0 Comments
चमोली में सड़क के अभाव में डोली के सहारे अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग की मौत, महिलाओं का संघर्ष भी न बचा सका जिंदगी

चमोली में सड़क के अभाव में पहाड़ की पीड़ा कितनी तकलीफदेह होती है, इसे वे ही महसूस कर सकते हैं जिनके गांव अब तक सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। चमोली जिले के गैरसैंण ब्लाक के कुनीगाड़ क्षेत्र में एक बुजुर्ग बीमार क्या पड़े उन्हें अस्पताल तक ले जाने की चुनौती आ पड़ी। चुनौती इसलिए, क्योंकि एक तो सड़क चार किमी दूर थी, दूसरा गांव के पुरुष और युवा नौकरी में बाहर थे। ऐसे में महिलाओं ने कमर कसी और बुजुर्ग को डोली में बैठाकर खुद ही सड़क तक ले आईं। हालांकि दो-दो अस्पताल ले जाने के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। कुनीगाड़ क्षेत्र में कोठा ग्राम पंचायत के गोगनाणी तोक में पेंटर 61 वर्षीय बलवंत सिंह की तबीयत बीते दिनों अचानक बिगड़ गई थी। वह अपनी पत्नी देवकी देवी और एक दिव्यांग बेटे के साथ रहते थे। गांव में पुरुषों की कमी होने पर 12 से अधिक महिलाओं ने उन्हें डोली में बैठाकर खुद ही सड़क मार्ग कोठा बैंड तक पंहुचाया।

इसके बाद उन्हें चौखुटिया और फिर बेस अस्पताल अल्मोड़ा ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग की सांसें लौटाने के लिए गंगा देवी, पुष्पा देवी, कमला, राधा, पूजा, मधु, गीता, धन्ना, शांता, कुसमा, छुमा, मंजू, मीना और दीपा का संघर्ष काम नहीं आया। बलवंत सिंह के छोटे भाई कैप्टन विक्रम सिंह ने कहा कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण पिछले एक वर्ष में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कुनीगाड़ क्षेत्र के डा. झगड़ सिंह के अनुसार, सड़क होती तो मरीजों को समय पर इलाज मिल पाता। गांव के बुजुर्ग धर्म सिंह और दान सिंह ने बताया कि सड़क सुविधा को लेकर उनके लिए गुलामी का ही दौर चल रहा है। गोगनाणी, दमदड़ और तिमिलपानी गांवों की आबादी लगभग 400 के आसपास है। यहां सड़क के लिए दो प्रस्ताव बने थे। पहला कोठा से चार किमी और दूसरा निगलाणी से तीन किमी सड़क मार्ग प्रस्तावित है, लेकिन वन विभागों की स्वीकृति के लिए फाइलें अटकी हैं। लोक निर्माण और वन विभाग दोनों का संयुक्त निरीक्षण हो चुका है, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ रही है।

आशुतोष कुमार, अधिसाशी अभियंता लोनिवि गैरसैंण ने कहा कि वन विभाग के साथ संयुक्त सर्वे के बाद कुछ बिंदुओं पर आपत्ति की गई है। उनके समाधान के लिए विभाग द्वारा आवश्यक उपकरणों की खरीद भी कर ली गई है। आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। रजत सुमन, उप वन संरक्षक केदारनाथ वन प्रभाग चमोली मेनका कि सड़क को लेकर कुछ बिंदुओं पर आपत्ति है, जिनमें सुधार को लेकर लोक निर्माण विभाग गैरसैंण को पत्र भेजा गया है। एक महीने के अंदर दोबारा संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा।

 

 

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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