उधम सिंह नगर

किच्छा में 300 से ज्यादा से किसानों से करोड़ों की ठगी का आरोप, फर्म संचालक समेत चार पर मुकदमा दर्ज

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Jul 25, 2026 06:52 9 views 0 Comments
किच्छा में 300 से ज्यादा से किसानों से करोड़ों की ठगी का आरोप, फर्म संचालक समेत चार पर मुकदमा दर्ज

उधम सिंह नगर के किच्छा में किसानों के साथ करोड़ों रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, किसानों की शिकायत पर फर्म संचालक और उसके चार सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, आरोप है कि फर्जी स्टांप और शपथपत्र तैयार कर सैकड़ों किसानों की भुगतान राशि अपनी फर्म के खाते में ट्रांसफर कर ली गई, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, दरअसल, उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में किसानों के साथ बड़े पैमाने पर कथित धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला सामने आया है, किसानों की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी गई तहरीर के आधार पर किच्छा कोतवाली पुलिस ने एक फर्म के संचालक हरेंद्र मलिक उसके सहयोगियों राहुल कुमार, राहुल राणा, युवराज और चितरंजन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए किसानों की करोड़ों रुपये की भुगतान राशि हड़प ली।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे सभी पेशे से किसान हैं और साल 2021 में हरेंद्र मलिक की फर्म, जो भारत सरकार के उपक्रम नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) की प्रोसेसिंग यूनिट के रूप में कार्य कर रही थी, उसमें गेहूं का पंजीकरण कराया था, किसानों ने अपनी गेहूं की फसल फर्म में जमा कराई थी, जिसके बदले भुगतान तीन किश्तों में होना था, पहली किश्त मिलने के बाद शेष दो किश्तों के भुगतान के लिए हरेंद्र मलिक लगातार समय मांगता रहा और किसानों को आश्वासन देता रहा, काफी समय तक भुगतान नहीं मिलने पर किसानों ने खुद नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) के अधिकारियों से संपर्क किया, वहां से उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम पर कोई भुगतान बकाया नहीं है, बल्कि पूरी राशि पहले ही जारी की जा चुकी है, यह जानकारी मिलने के बाद किसानों को संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि हरेंद्र मलिक और उसके सहयोगियों ने किसानों के नाम से फर्जी स्टांप पेपर और झूठे शपथपत्र तैयार कर उन्हें NFL में जमा किया और किसानों की भुगतान राशि अपनी फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर करा ली, इतना ही नहीं किसानों की अंडर साइज गेहूं को भी बाजार में बेचकर आर्थिक लाभ कमाया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि इस धोखाधड़ी का शिकार केवल कुछ किसान ही नहीं, बल्कि करीब 300 से 350 पंजीकृत किसान हुए हैं और कुल घोटाले की राशि करीब दो से ढाई करोड़ रुपए बताई जा रही है, किसानों ने अपनी शिकायत में कई उदाहरण भी दिए हैं, इनमें बरेली निवासी किसान इकबाल सिंह का मामला प्रमुख है, शिकायत के मुताबिक, इकबाल सिंह 14 मई 2022 से 20 जुलाई 2022 तक विदेश में थे, लेकिन इसी दौरान 16 मई 2022 को उनके नाम से कथित रूप से फर्जी स्टांप खरीदा गया और 17 मई 2022 को उनके फर्जी हस्ताक्षर वाला शपथपत्र NFL में जमा कर उनकी भुगतान राशि भी आरोपियों ने अपने खाते में ट्रांसफर करा ली।

इसके अलावा खेम सिंह, मुपिंदर सिंह, सरदूल सिंह, रघुवीर सिंह, नवदीप सिंह समेत कई अन्य किसानों की रकम भी इसी तरीके से हड़पने का आरोप लगाया गया है, पीड़ित किसानों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए और उनकी बकाया धनराशि वापस दिलाई जाए। रवि सैनी, किच्छा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि किसानों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी, सभी दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है, ताकि, पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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