अल्मोड़ा

अल्मोड़ा में शहीद कैलाश रौतेला की स्मृति में मार्ग का नामकरण,स्मृति पट्ट का हुआ अनावरण,कारगिल शहीद की वीरता और बलिदान को किया नमन

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Aug 23, 2026 20:01 14 views 0 Comments
अल्मोड़ा में शहीद कैलाश रौतेला की स्मृति में मार्ग का नामकरण,स्मृति पट्ट का हुआ अनावरण,कारगिल शहीद की वीरता और बलिदान को किया नमन

अल्मोड़ा-नगर के हनुमान मंदिर वार्ड में कारगिल युद्ध के अमर शहीद कमांडो कैलाश चंद रौतेला की स्मृति में निर्मित शहीद कैलाश रौतेला मार्ग के स्मृति पट्ट का अनावरण एवं मार्ग का उद्घाटन गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया।कार्यक्रम में वार्ड सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने शहीद कैलाश रौतेला के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में वार्ड की माताओं, बहनों, युवाओं, बच्चों और क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। वक्ताओं ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों की स्मृति को जीवंत रखना समाज की जिम्मेदारी है।शहीद कैलाश रौतेला के नाम पर मार्ग का नामकरण और स्मृति पट्ट की स्थापना आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, साहस और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी।

शहीद कैलाश चंद रौतेला का जन्म 28 दिसंबर 1966 को अल्मोड़ा के गंगोला मोहल्ले में हुआ था।उनकी माता शांति रौतेला हैं,जबकि पिता स्वर्गीय जगत सिंह रौतेला सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर थे। परिवार में बड़े भाई हेम चंद सिंह रौतेला,बड़ी बहन नीमा खाती, बड़ी बहन प्रभा रौतेला तथा छोटी बहन गीता रौतेला हैं। उनकी बड़ी भांजी आकांक्षा खाती और छोटी भांजी कृतिका खाती हैं।कैलाश रौतेला की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर जोशीमठ से शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने गोपेश्वर, उत्तरकाशी सहित विभिन्न स्थानों पर शिक्षा ग्रहण की। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई उन्होंने रैम्जे इंटर कॉलेज अल्मोड़ा से पूरी की। विद्यार्थी जीवन में वह एनसीसी से भी जुड़े रहे। आगे एसएसजे कुमाऊं विश्वविद्यालय परिसर अल्मोड़ा से बीकॉम की शिक्षा ग्रहण करते हुए एनएसएस में भी प्रतिभाग किया। वह हॉकी के अच्छे खिलाड़ी भी थे।पढ़ाई के दौरान ही वर्ष 1988 में कैलाश रौतेला आईटीबीपी में भर्ती हो गए।बचपन से ही उनका रुझान सेना और सुरक्षा सेवाओं की ओर था। उनके पिता के पुलिस फोर्स में होने के कारण भी उनके भीतर देशसेवा की भावना मजबूत हुई।सेवा के दौरान उन्होंने एसपीजी में रहते हुए कमांडो प्रशिक्षण प्राप्त किया। वह ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट धारक थे।

उन्होंने अपने सेवाकाल में उन्होंने देश की कई महत्वपूर्ण हस्तियों की सुरक्षा में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। राष्ट्रपति भवन में भी उन्होंने सेवाएं दीं। राजेश पायलट, माधवराव सिंधिया सहित कई प्रमुख नेताओं एवं मंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था में उन्होंने अपने दायित्व का बखूबी निर्वहन किया।बताया गया कि कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। बाद में जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान कारगिल युद्ध के समय ऑपरेशन विजय में 30 मई 1999 को बनिहाल के पास कर्तव्य निभाते हुए वह शहीद हो गए। उनके बलिदान ने अल्मोड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा किया।कार्यक्रम में शहीद की माता शांति रौतेला, बहन प्रभा रौतेला, गीता रौतेला तथा भाई हेम चंद्र सिंह रौतेला की मौजूदगी ने कार्यक्रम को भावुक बना दिया। उपस्थित लोगों ने शहीद परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कैलाश रौतेला के बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम में मेयर अजय वर्मा, प्रकाश चंद्र जोशी सहित नगर निगम/नगर निकाय के पार्षद वंदना वर्मा, अंजू बिष्ट, आशा बिष्ट, दीपक कुमार, कु. चंचल दुर्गापाल, पूनम त्रिपाठी, कु. नेहा टम्टा, जानकी पांडे, भूपेंद्र जोशी, हेम तिवारी तथा रोहित कार्की मौजूद रहे।कार्यक्रम में पूर्व सभासद दीपा साह, राधा नेगी, जगदीश पांडे, अजीत कार्की, विमला वर्मा तथा इंद्रा वर्मा ने भी सहभागिता की और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार संजय अग्रवाल, विनोद वैष्णव, सुरेंद्र बिष्ट, प्रमोद कुमार बिष्ट, पुष्कर सिंह नेगी, एस.एस. पथनी, त्रिभुवन पांडे, सुशील कुमार जोशी, प्रमोद लाल साह, कैलाश चंद्र वर्मा, पवन लाल साह, मो. हसीन, दिनेश चंद्र तिवारी (सेवानिवृत्त नेवी), शेखर चंद्र पांडे, हिमांशु साह, कमल साह, मो. सलाम, नवीन वर्मा, एडवोकेट गिरीश चंद्र जोशी, वकुल शाह, दिनकर पांडे, मो. वसीम, प्रदीप चौधरी, कमल बिष्ट, भुवन चंद्र मिश्रा, निर्देश साह, रमेश तिवारी, महेश लाल साह, चेतन साह, राकेश सिंह साही, पत्रकार शुभम जोशी, पूरन जोशी तथा कार्तिक साह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी ने शहीद कैलाश चंद रौतेला की अमर गाथा को सदैव जीवंत रखने तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि मार्ग पर लगा यह स्मृति पट्ट केवल एक नाम की पहचान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देश के लिए त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता रहेगा।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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