दबिश देने गई पुलिस टीम से धक्का-मुक्की में जमीन पर गिरी बुजुर्ग की मौत से बवाल

सितारगंज के नानकमत्ता स्थित ग्राम सिद्धा नवदिया में पुलिस की दबिश एक परिवार पर भारी पड़ गई। आरोपित की तलाश में पहुंची पुलिस कार्रवाई के दौरान 80 वर्षीय वृद्धा की संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए स्वजन और ग्रामीण शव को कोतवाली गेट पर रखकर धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालात इतने बिगड़े की कोतवाली का गेट तक बंद करना पड़ा और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। घटना शनिवार दोपहर करीब दो बजे की है, जब पुलिस पाक्सो एक्ट के आरोपित कुलदीप सिंह पुत्र संतोख सिंह की गिरफ्तारी के लिए उसके घर दबिश देने पहुंची थी।

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स्वजन का आरोप है कि पुलिस कर्मी घर में घुसे और महिलाओं के साथ अभद्रता करते हुए पूछताछ करने लगे। इसी दौरान 80 वर्षीय सुखदेव कौर पत्नी प्रीतम सिंह बाहर आईं तो कथित धक्का-मुक्की में वह जमीन पर गिर गईं। स्वजन का कहना है कि वृद्धा के गिरने के बाद भी पुलिसकर्मी संवेदनहीन बने रहे और उन्हें ‘नाटक’ बताकर नजरअंदाज करते रहे। करीब 15 मिनट बाद जब उन्हें नानकमत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया तो डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया और देखते ही देखते परिवार में गुस्सा भड़क उठा। स्वजन ने यह भी दावा किया कि जिस किशोरी को भगाने का आरोप था, उसे पहले ही बरामद कर पुलिस को सौंप दिया गया था और आरोपी कुलदीप को परिवार बेदखल कर चुका था। ऐसे में पुलिस की दबिश को उन्होंने अनावश्यक और उत्पीड़नपूर्ण बताया। वृद्धा की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।

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आक्रोशित लोग शव को लेकर सीधे नानकमत्ता कोतवाली पहुंच गए और गेट पर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के विरुद्ध तीखी नारेबाजी हुई और दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का प्राथमिकी पंजीकृत करने की मांग उठी। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए किच्छा, सितारगंज, खटीमा और पुलभट्टा थानों की पुलिस के साथ पीएसी बल मौके पर बुलाया गया। कोतवाली गेट बंद कर दिया गया और अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। स्वजन और पुलिस के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही विधायक गोपाल सिंह राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना और पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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इधर एसओजी इंचार्ज उमेश कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार को समझाने की कोशिश की और अधिकारियों के साथ वार्ता कराई। अंततः सीओ भूपेंद्र सिंह धौनी ने स्वजन को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। मृतका का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल से कराया जाएगा, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। करीब तीन घंटे तक चले हाईवोल्टेज हंगामे के बाद स्वजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए और धरना समाप्त किया गया। इधर, मृतका के स्वजन लखविंदर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मियों पर धक्का-मुक्की और लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

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