देहरादून में नशे के कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने देहरादून में करीब 236 करोड़ रुपए मूल्य के जब्त मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया। 303 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों को वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत भट्ठी में जलाकर नष्ट किया गया। एनसीबी की इस कार्रवाई को उत्तराखंड समेत पूरे देश में नशा तस्करी के विरुद्ध बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। एनसीबी के अनुसार नष्ट किए गए मादक पदार्थ 11 विभिन्न प्री-ट्रायल और पोस्ट-ट्रायल मामलों से संबंधित थे। इनमें ट्रामाडोल टैबलेट, अल्प्राजोलम टैबलेट और चरस जैसी प्रतिबंधित सामग्री शामिल थी। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 236 करोड़ रुपए आंकी गई है।
एनसीबी ने कहा कि जब्त मादक पदार्थों को सुरक्षित रूप से नष्ट करने की यह प्रक्रिया केवल कानून का पालन भर नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी व्यवस्था है कि जब्त ड्रग्स किसी भी स्थिति में दोबारा अवैध बाजार में न पहुंच सकें। ब्यूरो का कहना है कि नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। देहरादून में हुई इस बड़ी ड्रग डिस्पोजल कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नशा तस्करी के खिलाफ सरकार और जांच एजेंसियों की नीति जीरो टॉलरेंस की है। करोड़ों रुपए के नशे को आग के हवाले कर एनसीबी ने तस्करों को साफ संदेश दिया है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के लिए देश में कोई जगह नहीं है। एनसीबी ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त या तस्करी की जानकारी मिले तो इसकी सूचना मानस हेल्पलाइन 1933 पर दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


