हरिद्वार में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों से अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने अनोखी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा खुद सामान्य यात्री बनकर सड़कों पर उतरे और ई-रिक्शा में सफर कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक की छोटी दूरी के लिए जहां सामान्य किराया करीब 20 रुपए होना चाहिए था, वहां चालक ने 50 रुपयए वसूल लिए। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित ई-रिक्शा को तुरंत सीज कर दिया गया।
इसके बाद शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक सफर के दौरान एक अन्य चालक ने 30 रुपए की जगह 150 रुपए किराया मांग लिया। इस मामले में भी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन को सीज कर दिया। तीसरे मामले में भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर तक यात्रा के दौरान चालक न केवल अधिक किराया वसूलता मिला, बल्कि उसने निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग भी की थी। यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के चलते उसका ई-रिक्शा भी सीज कर दिया गया। एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ई-रिक्शा में अधिकतम 12 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जा सकता है।
इसके बावजूद कुछ चालक यात्रियों, खासकर चारधाम यात्रियों से मनमाना किराया वसूलकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं।उन्होंने आम लोगों और यात्रियों से अपील की कि यदि कोई चालक निर्धारित किराए से अधिक राशि मांगता है या ओवरलोडिंग करता है तो इसकी सूचना तुरंत परिवहन विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके।
