उत्तराखंड प्रशासन ने चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं की सेहत के लिए कमर कस ली है। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मिलावट और ज्यादा कीमतों पर लगाम लगाने के लिए होटल के साथ ढाबों पर लगातार छापेमारी के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ज्वालापुर की फल मंडी में सघन चेकिंग अभियान चलाया। लेबलिंग नियमों के उल्लंघन पर कुछ कंपनियों को नोटिस थमाया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यात्रा के दौरान खाद्य पदार्थों के मानकों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चारधाम यात्रा के दौरान भक्तों को शुद्ध और अच्छा खाना मिले, इसके लिए जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।
मंगलवार को हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट और दुकानों पर लगातार छापेमारी करने के आदेश दिए ताकि खाने में मिलावट और ज्यादा दाम वसूलने पर रोक लगाई जा सके। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निर्देशों का पालन करते हुए ज्वालापुर के सराय रोड स्थित फल और सब्जी मंडी की गहराई से जांच की। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण और उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा आयुक्त के आदेश पर की गई है। निरीक्षण के दौरान एथलीन गैस और एथलीन पाउच के उपयोग से पकाए जा रहे फलों के कुल 8 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए, जिन्हें विस्तृत परीक्षण हेतु राजकीय खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में फलों को पकाने में कैल्शियम कार्बाइड या कृत्रिम रंगों के उपयोग के कोई प्रमाण नहीं मिले।
इसके अतिरिक्त, फल पकाने वाले राइपेनिंग गैस चेम्बरों का भी गहन निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान एथलीन गैस एवं पाउच बनाने वाली कंपनियों द्वारा लेबलिंग मानकों के उल्लंघन के मामले सामने आए, जिस पर संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चारधाम यात्रा के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आमजन एवं श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



