उत्तराखंड में मौसम के अलग-अलग रूप दिख रहे हैं। जहां मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों को बेहाल कर दिया है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से राहत मिली है। हरिद्वार में तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया जो सीजन का सबसे अधिक स्तर है। देहरादून और पंतनगर में भी पारा सामान्य से काफी ऊपर रहा। दूसरी ओर पिथौरागढ़ और चमोली जैसे ऊंचे इलाकों में बारिश और ओले गिरने से मौसम सुहावना हो गया है। राहत की खबर यह है कि 28 अप्रैल से पूरे प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं जिससे तापमान में गिरावट आएगी। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, हरिद्वार में तापमान 41 डिग्री दर्ज हुआ जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान है। देहरादून में लगातार दूसरे दिन तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहकर 38.7 डिग्री पहुंच गया। पंतनगर में भी पारा सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा 40.4 डिग्री रहा।
मुक्तेश्वर में तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस और नई टिहरी में 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मसूरी में तापमान सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक 28.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पिथौरागढ़ और चमोली के गोपेश्वर सहित आसपास के इलाकों में बारिश हुई और तेज बौछारों से मौसम सुहावना हो गया। ऊखीमठ में 17.5 मिलीमीटर, थल में 14.5 मिलीमीटर, डीडीहाट में 7 मिलीमीटर और पोखरी में 5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा उत्तरकाशी समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। वहीं चार धाम यात्रा के बीच बद्रीनाथ धाम की चोटियों पर भी बर्फबारी देखी गई। उत्तराखंड में भीषण गर्मी और लू से राहत मिल सकती है। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक तापमान स्थिर रहेगा। 28 अप्रैल से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
इससे तापमान दो से तीन डिग्री तक गिर सकता है। रविवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पहली मई तक छिटपुट मौसम खराब रहने का अनुमान है। उत्तराखंड में अगले 2-3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद के बारिश से तापमान में थोड़ी तब्दीली आएगी। बारिश बाद 2 से 3 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सिसय की गिरावट आने की संभावना है।



