उत्तरकाशी जनपद में हुई मुशलाधार बारिश के कारण मनेरी झरने के समीप पहाड़ी पर अचानक करीब 200 मीटर की ऊंचाई से काले पानी के झरने के साथ बोल्डर आकर गिरे। पानी आते ही नीचे गंगोत्री हाईवे पर बनी दुकानों और घर से लोगों ने भागकर जान बचाई। प्रशासन की ओर से उस समय यातायात को भटवाडी और हीना में रोक दिया गया। करीब आधे घंटे तक पहाड़ी से पानी का विशालकाय झरना और बोल्डर गिरते रहे। बारिश थमने के बाद पानी का जलस्तर कम होने के साथ बोल्डर गिरने बंद हुए। उसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश रुकने के बाद हाईवे से बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू करवा दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा को देखते हुए वहां पर पुलिस तैनात करने के साथ ही आसपास के लोगों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
तीन दिनों से जारी बारिश के बीच शनिवार को दोपहर बाद मौसम ने फिर करवट ली और कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई। जिला मुख्यालय, अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा, जखोली, ऊखीमठ और गुप्तकाशी समेत कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ीं। वहीं केदारनाथ और तुंगनाथ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और अधिक संख्या में यात्री बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे। हालांकि शाम होते-होते तेज बारिश के चलते एहतियातन गुप्तकाशी, कुंड, काकड़गाड़ और अन्य चेक पोस्टों पर यात्रा वाहनों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
कुंड और गुप्तकाशी के बीच बरसाती नाले ऊफान पर होने के कारण यहां एक घंटे तक यातायात को रोका गया। सुरक्षा कर्मियों ने यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की अपील की। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि लगातार वर्षा को देखते हुए सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट और अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर यात्रियों और वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाएगा। पुलिस, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और अन्य एजेंसियां समन्वय बनाकर हालात पर नजर रखे हुए हैं।



