उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर सचिवालय कूच
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jun 22, 2026 17:24
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देहरादून में आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक...
देहरादून में आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने सचिवालय कूच किया, प्रदेश भर से आए शिक्षकों ने राजधानी देहरादून में रैली निकाली और उसके बाद सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, रोके जाने से नाराज शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करके प्रदर्शन किया, शिक्षकों ने अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया, संघ का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया था, इसके अंतर्गत शिक्षक गुणवत्ता और शैक्षिक मानकों को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा की व्यवस्था निर्धारित की गई, 29 मई को उच्चतम न्यायालय ने टीईटी से संबंधित पारित आदेश के बाद आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के समक्ष गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई है।
शिक्षक संघ से जुड़े दिगंबर नेगी ने बताया कि, वर्तमान में उत्तराखंड में लगभग 20 हजार से अधिक और पूरे देश में लगभग 25 लाख शिक्षक इस विषय से प्रभावित हो रहे हैं, उन्होंने मांग उठाई कि, आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए, इस एक्ट के लागू होने से पहले अनेक शिक्षक राज्य सरकार की ओर से निर्धारित नियमों, अहर्ताओं और चयन प्रक्रिया के आधार पर विधिवत नियुक्त हुए थे, इन शिक्षकों ने सालों तक अपनी पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ सेवाएं दी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया, अगर उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन अपेक्षित हो तो राज्य सरकार आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए एक सरल और अनुभव आधारित विशेष परीक्षा आयोजित कराकर राहत प्रदान कर सकती है, इसके साथ ही राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए पूर्ण व्यवस्था के अनुरूप पुरानी पेंशन योजना तत्काल बहाल किए जाने की मांग की है। इसके अलावा, प्रारंभिक शिक्षा में तैनात शिक्षकों को 3 साल की सेवा पूरी होने के बाद सेवा काल में एक बार गृह जनपद स्थानांतरण किए जाने की मांग की है, साथ ही गोल्डन कार्ड योजना में व्याप्त सभी विसंगतियों को दूर किए जाने की मांग की उठाई गई ।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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