रुड़की में गंगनहर मगरमच्छों का घर बनता जा रहा है, जिससे शहर में दहशत, गंगनहर में कई बार मगरमच्छ देखे गए हैं
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Dec 12, 2025 09:49
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रुड़की में आबादी के पास बढ़ रहे मगरमच्छ के कुनबे से शहर के लोगों में दहशत बढ़ रही है। गंगनहर और इसके आसपास कई बार मगरमच्छ दिखाई देते रहे हैं। बड़ी बा...
रुड़की में आबादी के पास बढ़ रहे मगरमच्छ के कुनबे से शहर के लोगों में दहशत बढ़ रही है। गंगनहर और इसके आसपास कई बार मगरमच्छ दिखाई देते रहे हैं। बड़ी बात यह है कि गंगनहर में बड़ी संख्या में लोग नहाते और कपड़े आदि धोते हैं, जिसके चलते हादसों की आशंका बढ़ रही है। वहीं, वन विभाग इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
रुड़की शहर के बीचों बीच से होकर निकल रही गंगनहर मगरमच्छों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है। पिछले कुछ समय में गंगनहर के अलग-अलग हिस्सों और इसके आसपास कई मगरमच्छ दिखाई देने की घटनाएं सामने आई हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे नहर किनारे बसे आबादी क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। इसके बावजूद वन विभाग ने अभी तक न तो कोई सर्वे किया और न ही बचाव के लिए कदम उठाए हैं।
वर्षाकाल में गंगनहर और रुड़की से सटे कई गांव और झाड़ियों में मगरमच्छ दिखाई दिए हैं। सर्दियों में गंगनहर किनारे भी कई बार इनकी गतिविधियां देखी गई हैं। एक दिन पहले गंगनहर किनारे सोलानी नदी पुल के पास एक मगरमच्छ सड़क पर चहल कदमी कर रहा था। स्थानीय तैराक ने इसे पकड़कर वन विभाग को सौंपा था। लोगों ने आशंका जताई थी कि गंगनहर में मादा मगरमच्छ और इसके कई बच्चे हो सकते हैं। इसे देखते हुए रुड़की से लेकर कलियर तक गंगनहर में स्नान करने वाले और कपड़े आदि धोने वाले लोगों में दहशत बनी है।
पिछले करीब तीन साल से रुड़की की गंगनहर और आसपास क्षेत्र में मगरमच्छ की चहलकदमी रही है। आशंका जताई जा रही है कि तीन साल पहले नदी के पानी के साथ बहकर मगरमच्छ गंगनहर तक पहुंचे हैं। इसके बाद से कहीं न कहीं मगरमच्छ दिखाई देते रहे हैं। पाडली गुर्जर गांव में बड़ी झील है। इस झील में भी कई बार मगरमच्छ की चहलकदमी देखी गई है, जिसे लोगों में खासी दहशत है। कई बाद लोग इसकी शिकायत भी वन विभाग से कर चुके हैं। इसके बावजूद यहां पर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगे हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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