अल्मोड़ा

मानसखण्ड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में स्थापना दिवस पर विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की गई

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Mar 10, 2026 10:33 2 views 0 Comments
मानसखण्ड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में स्थापना दिवस पर विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की गई

मानसखण्ड विज्ञान केंद्र (एम०के०एस०सी०), अल्मोड़ा में द्वितीय स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं ज्ञानवर्भक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का...

मानसखण्ड विज्ञान केंद्र (एम०के०एस०सी०), अल्मोड़ा में द्वितीय स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं ज्ञानवर्भक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में विज्ञान के प्रति रुचि और जागरूकता बढाना था। इस अवसर पर विज्ञान विशेषज्ञों के व्याख्यान, संवाद सत्र तथा विद्यार्थियों की सहभागिता के माध्यम से विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों तथा आमंत्रित अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के प्रारम्भमें केन्द्र के कर्मचारियों द्वारा परित्तर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान सभी ने परिसर की साफ-सफाई करते हुए स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। साथ ही संस्थान परिसर में लगाए गए पौधों को पानी देकर उनके संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मानसखण्ड विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक प्रभारी डॉ. नवीन बन्द्र जोशी द्वारा सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों के स्वागत के साथ किया गया। उन्होंने केंद्र की गतिविधियों तथा विज्ञान लोकप्रियकरण में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मानसखण्ड विज्ञान केंद्र लगातार विद्यार्थियों और समाज के बीच वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने उत्तराखण्ड में विज्ञान के प्रसार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए यूकॉस्ट द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासी का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यूकीस्ट द्वारा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे है ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी विज्ञान की गतिविधियों से जुड़ सकें।

प्रो. पंत ने 'जैब ऑन व्हील्स जैसी पहल का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से विज्ञान प्रयोगशाला को मोबाइल स्वरूप में विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा है. जिसले ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को भी प्रयोगात्मक विज्ञान का अनुभव मिल सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने यूकोस्ट द्वारा स्थापित 'कार्बन क्रेडिट सेल' की जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मानसखण्ड विज्ञान केंद्र में लगभग 20,000 से अधिक आगंतुकों ने भ्रमण किया है, जो इस केंद्र की लोकप्रियता और उपयोगिता को दशर्शाता है। उन्होंने केंद्र के समस्त वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यूकॉस्ट और मानसखण्ड विज्ञान केंद्र भविष्य में भी विज्ञान के प्रसार के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।

कार्यक्रम में अल्मोड़ा स्थित होली एंजल स्कूल के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने विज्ञान से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की और विशेषज्ञों के व्याख्यानों से लाभान्वित हुए। प्रतिभागी कार्यक्रम में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनो माध्यमों से जुड़े। कार्यक्रम के दौरान दो महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित किए गए। पहला व्याख्यान कुमाऊँ विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. जे. एस. रावत द्वारा 'भौगोलिक सूधना विज्ञानः उत्तराखण्ड राज्य के विशेष संदर्भ में एक परिचय विषय पर दिया गया। अपने व्याख्यान में उन्होंने भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) की मूल अवधारणा, इसके उपयोग तथा उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि GIS तकनीक प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संख्क्षण और विकास योजनाओं के निर्माण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।

दूसरा व्याख्यान दून इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्टा सॉल्यूशना के डॉ. अनुज रतूडी द्वारा 'बौद्धिक संपदा अधिकार एक परिचय' विषय पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों की अपधारणा, पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और डिजाइन जैसे विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवाचार और शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों की समझ अत्यंत आवश्यक है। दोनी व्याख्यानों के पश्चात श्रोताओं के लिए एक संक्षिप्त प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न वक्ताओं के समक्ष रखे। इस दौरान कों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों साझा कीं। सत्र में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रतिभागियों की भागीदारी देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम और भी तवादात्मक एवं ज्ञानवर्धक बन गया।

कार्यक्रम का सफल समन्यवन मानसखण्ड विज्ञान केंद्र के एमेरिटस वैज्ञानिक डॉ. जी.सी.एस नेगी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम समन्वयक श्री प्रदीप तिवारी ने सभी प्रतिभागियों, आमंत्रित अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों तथा मानसखण्ड विज्ञान केंद्र की समस्त कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी के सहयोग की सराहना की। इस प्रकार मानसखण्ड विज्ञान केंद्र में जायोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

Enjoyed this article?

Share it with your friends and colleagues.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment