उत्तराखंड

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल : 60 विद्यार्थियों ने NDA लिखित परीक्षा में मारी बाजी, देश का बना शीर्ष स्कूल

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Sep 22, 2024 16:23 2 views 0 Comments
सैनिक स्कूल घोड़ाखाल : 60 विद्यार्थियों ने NDA लिखित परीक्षा में मारी बाजी, देश का बना शीर्ष स्कूल

नैनीताल के घोड़ाखाल स्थित सैनिक स्कूल ने एक बार फिर अपनी शैक्षिक उत्कृष्टता और समर्पण का प्रमाण दिया है। इस प्रतिष्ठित स्कूल के 60 विद्यार्थियों ने र...

नैनीताल के घोड़ाखाल स्थित सैनिक स्कूल ने एक बार फिर अपनी शैक्षिक उत्कृष्टता और समर्पण का प्रमाण दिया है। इस प्रतिष्ठित स्कूल के 60 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की है, जिससे यह स्कूल देशभर के 33 सैनिक स्कूलों के बीच एक बार फिर से शीर्ष स्थान पर आ गया है।

सैनिक स्कूलों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए) के लिए शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक रूप से तैयार करना है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल इसी लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है और यह स्कूल सशस्त्र बलों में भावी नेताओं को तैयार करने में अहम भूमिका निभाता आ रहा है। इस स्कूल ने अब तक 9 बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी हासिल की है और यह अपनी 10वीं ट्रॉफी की ओर बढ़ रहा है।

इस वर्ष, 60 कैडेटों (वर्तमान बैच से 28 और पिछले बैच से 32) ने यूपीएससी द्वारा आयोजित एनडीए लिखित परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया है। यह उपलब्धि संस्थान की समग्र शिक्षा और उचित प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के प्रिंसिपल, ग्रुप कैप्टन विजय सिंह डंगवाल ने इस मील के पत्थर को हासिल करने पर सफल कैडेटों, संकाय और कर्मचारियों को बधाई दी और कैडेटों से आग्रह किया कि वे अपने अंतिम लक्ष्य को हासिल करने तक लगातार मेहनत करते रहें।

नैनीताल के घोड़ाखाल स्थित सैनिक स्कूल ने एक बार फिर अपनी शैक्षिक उत्कृष्टता और समर्पण का प्रमाण दिया है। इस प्रतिष्ठित स्कूल के 60 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की है, जिससे यह स्कूल देशभर के 33 सैनिक स्कूलों के बीच एक बार फिर से शीर्ष स्थान पर आ गया है।

सैनिक स्कूलों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए) के लिए शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक रूप से तैयार करना है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल इसी लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है और यह स्कूल सशस्त्र बलों में भावी नेताओं को तैयार करने में अहम भूमिका निभाता आ रहा है। इस स्कूल ने अब तक 9 बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी हासिल की है और यह अपनी 10वीं ट्रॉफी की ओर बढ़ रहा है।

इस वर्ष, 60 कैडेटों (वर्तमान बैच से 28 और पिछले बैच से 32) ने यूपीएससी द्वारा आयोजित एनडीए लिखित परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया है। यह उपलब्धि संस्थान की समग्र शिक्षा और उचित प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के प्रिंसिपल, ग्रुप कैप्टन विजय सिंह डंगवाल ने इस मील के पत्थर को हासिल करने पर सफल कैडेटों, संकाय और कर्मचारियों को बधाई दी और कैडेटों से आग्रह किया कि वे अपने अंतिम लक्ष्य को हासिल करने तक लगातार मेहनत करते रहें।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

Enjoyed this article?

Share it with your friends and colleagues.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment