15 वे राष्ट्रीय शिल्प मेले में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के हाथों लोक कला साधक सम्मान 2025 से सम्मानित होने के बाद पहुंचे अल्मोड़ा किया भव्य स्वागत
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Dec 08, 2025 10:32
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अल्मोड़ा शहर के वरिष्ठ लोककलाकार संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के निदेशक प्रकाश सिंह बिष्ट को उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक पटियाला द्वारा...
अल्मोड़ा शहर के वरिष्ठ लोककलाकार संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के निदेशक प्रकाश सिंह बिष्ट को उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक पटियाला द्वारा आयोजित 15 वे राष्ट्रीय शिल्प मेले में पंजाब के राज्यपाल महामहिम श्री गुलाब चंद कटारिया जी के हाथों से लोक कला साधक सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। इस प्रतिष्ठित सम्मान के उपरांत आज उनके अल्मोड़ा आगमन पर चौहानपाटा में नगर के विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों और सांस्कृतिक कलाकारों, महिलाओं, युवाओं ने उन्हें हार्दिक स्वागत किया।
स्वागत कार्यक्रम में वरिष्ठ रंगकर्मी राजेंद्र तिवारी, त्रिभुवन गिरी महाराज, महापौर अजय वर्मा, रवि रौतेला, भूपेंद्र भोज, विनीत बिष्ट, हरीश कंवल, तारा चंद्र जोशी, पूरन रौतेला, ललित लतवाल, देवेन्द्र भट्ट, प्रकाश बिष्ट, मदन बिष्ट, रेखा रौतेला, प्रीति बिष्ट, विनीता बिष्ट, हीरा कंवल, प्रदीप बिष्ट, प्रकाश भट्ट, राजेंद्र तिवारी, शुभम रौतेला, अजय वर्मा, विनोद वैश्नव, भैरव गोस्वामी, भारत भूषण जोशी, पूनम पालीवाल, मनोज सनवाल, कैलाश गुरुरानी, मनोज जोशी, मोनू शाह, अर्जुन बिष्ट, अभिषेक जोशी, शगुन त्यागी, हर्षिता तिवारी, पंकज रौतेला, शिवराज बनौल, परितोष जोशी, ललित मिश्रा, शोभा जोशी, राधा तिवारी, डॉ अशोक कुमार साहनी, दीप बिष्ट, मयंक रौतेला, भागवत बिष्ट, संदीप श्रीवास्तव, चन्द्रशेखर पालीवाल, भारतेंदु कांडपाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रकाश सिंह बिष्ट को रजत पट्टिका तथा 2,50,000 रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। यह सम्मान लोक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलाकारों को दिया जाता है। प्रकाश सिंह बिष्ट विगत 40 वर्षों से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करते आ रहे हैं। इससे पहले भी उन्हें कई अन्य लोक कला सम्मान प्राप्त हुए हैं। यह पल पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का अवसर है।
प्रकाश बिष्ट उत्तराखंड के पहले ऐसे लोककलाकार हैं जिन्हें लोक कला साधक सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया है। उन्होंने यह पुरस्कार अपनी माता जी को समर्पित किया, जिनका इस वर्ष सितंबर में निधन हो गया था। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और लोक कला के प्रति प्रेम का परिचायक है। आने वाले समय में भी वे उत्तराखंड की संस्कृति को वैश्विक मंच पर चमकाने का कार्य करते रहेंगे।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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