बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज, 25 जून को भी नोटों की गड्डी ले जाते दिखा आरोपी नौटियाल
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jul 13, 2026 03:09
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बदरीनाथ धाम के दान का पैसा निजी सचिव संवर्ग का कर्मचारी लगातार गायब करता रहा, लेकिन सिस्टम की पूरे समय आंखे बंद रही। बीकेटीसी की ओर से न तो कभी कोई ट...
बदरीनाथ धाम के दान का पैसा निजी सचिव संवर्ग का कर्मचारी लगातार गायब करता रहा, लेकिन सिस्टम की पूरे समय आंखे बंद रही। बीकेटीसी की ओर से न तो कभी कोई टोकाटाकी की गई। न ही कभी आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायत किसी ने की।बीकेटीसी की जांच समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में साफ किया है कि आरोपी कर्मचारी कई बार गणना कक्ष से दान का सामान बाहर लेकर गया। सीसीटीवी फुटेज में ये साफ नजर आ रहा है। इन तथ्यों ने बीकेटीसी के पूरे सिस्टम पर ही सवाल उठा दिए हैं। यदि बार बार दान की चोरी होती रही, तो बीकेटीसी क्यों आंखे मूंदी रही। क्यों अन्य कर्मचारी, अधिकारियों ने आरोपी कर्मचारी की शिकायत नहीं की। साफ है कि सीसीटीवी फुटेज की कोई नियमित जांच पड़ताल नहीं हो रही है। सीईओ बीकेटीसी सोहन सिंह रांगड़ का कहना है कि सोमवार को विधिवत जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। रिपोर्ट के सभी बिंदुओं का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी भी तरह की गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो सम्बन्धित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दान चोरी के इस मामले में अभी तक आरोपी कर्मचारी की गिरफ्तारी न होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। अभी तक गिरफ्तारी तो दूर किसी भी जांच समिति ने आरोपी कर्मचारी से पूछताछ तक करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि आरोपी कर्मचारी सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है। इसी आधार पर पुलिस केस तक दर्ज कर चुकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि ब्राह्मण, पुजारी और पंडा कभी मंदिर में चोरी नहीं करते। उन्होंने मंदिर के पुजारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते के नियम पर सवाल उठाते हुए कहा कि ब्राह्मणों, पुजारियों और पंडों पर यजमानों का हमेशा विस्वास रहता है। बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखा पलटवार किया है। गोदियाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि चोरी और डकैती जैसे अपराधों का कोई जाति या धर्म नहीं होता है और इसे जोड़ना संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है।
गणेश गोदियाल ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले का धर्म या जाति नहीं देखी जानी चाहिए, बल्कि कानून को अपना काम निष्पक्षता से करना चाहिए। गोदियाल ने मांग की कि चढ़ावा चोरी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एक स्पष्ट और सख्त नीति बनाई जानी चाहिए। यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर है, तो उन्हें अपने मंत्रियों और पदाधिकारियों के लिए ऐसा ड्रेस कोड लागू करे, जिसमें जेब ही न हो।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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