नैनीताल के इस गांव में ब्लास्टिंग से डरे लोग, घर आंगन और खेतों में पड़ी दरारें
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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May 01, 2025 11:33
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नैनीताल जिले के भीमताल ब्लॉक में पनिया मेहता तोक के खत्री खाड़ गांव में इन दिनों लोग दहशत में हैं, खत्री खाड़ गांव के कई घरों में दरारें पड़ चुकी हैं...
नैनीताल जिले के भीमताल ब्लॉक में पनिया मेहता तोक के खत्री खाड़ गांव में इन दिनों लोग दहशत में हैं, खत्री खाड़ गांव के कई घरों में दरारें पड़ चुकी हैं, खेतों में दरारें आई हैं, दरारें पड़ने का कारण इलाके में जमरानी बांध परियोजना के लिए हो रही ब्लास्टिंग को बताया जा रहा है, जिला प्रशासन की टीम ने भी गांव में पहुंचकर दरारों का निरीक्षण किया।
खत्री खाड़ गांव में ब्लास्टिंग के चलते आंगन और खेतों में दरारें दिखने से लोग दहशत में हैं, जिसकी सूचना के बाद जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा और जांच पड़ताल की, इसके बाद जिलाधिकारी नैनीताल में परियोजना में चल रहे ब्लास्टिंग के कार्य को रुकवा दिया है।
जिलाधिकारी नैनीताल वंदना सिंह ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना के अन्तर्गत राजस्व गांव में ब्लास्टिंग से मकान में दरार आने की सूचना पर तत्काल संज्ञान लेते हुये बुधवार को उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक की अगुवाई में एक टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए गए थे, टीम ने बुधवार को खतीखान तोक के उन मकानों का निरीक्षण किया, जहां पर दरारें पड़ी हैं।
इस दौरान भू-वैज्ञानिक ने गहनता से मकानों का निरिक्षण करते हुए अपनी राय देते हुए कहा कि मकानों में आई दरारों के मापन हेतु शीघ्र ही भूकम्प मापी संयन्त्र (सिस्मोग्राफ) लगाना होगा, इस सम्बन्ध में समिति द्वारा तत्काल सिस्मोग्राफ संयंत्र लगाए जाने का निर्णय लिया गया, जो शुक्रवार तक स्थापित कर दिए जाएंगे, सिस्मोग्राफ संयंत्र स्थापित होने तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार के ब्लास्टिंग पर रोक लगाई गई है।
इस दौरान भू-वैज्ञानिक ने गहनता से मकानों का निरिक्षण करते हुए अपनी राय देते हुए कहा कि मकानों में आई दरारों के मापन हेतु शीघ्र ही भूकम्प मापी संयन्त्र (सिस्मोग्राफ) लगाना होगा, इस सम्बन्ध में समिति द्वारा तत्काल सिस्मोग्राफ संयंत्र लगाए जाने का निर्णय लिया गया, जो शुक्रवार तक स्थापित कर दिए जाएंगे, सिस्मोग्राफ संयंत्र स्थापित होने तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार के ब्लास्टिंग पर रोक लगाई गई है।
इस संबंध में परियोजना प्रबंधक जमरानी बांध निर्माण में लगी कंपनी को निर्देश दिये हैं कि सिस्मोग्राफ स्थापित होने तक क्षेत्र में ब्लास्टिंग न की जाए, इस दौरान गांव में टीम द्वारा सुरक्षा दीवार का भी निर्माण करने की बात करते हुए परियोजना प्रबन्धक को निर्देश दिये।
गौरतलब हैं बांध निर्माण का काम शुरू होने के बाद एकाएक आई दरारें अब चौड़ी हो रही हैं, ग्रामीणों का आरोप है कि जमरानी बांध टनल आदि कामों में ब्लास्टिंग और सड़क कटिंग की जा रही है, इसके बाद से ही मकानों में दरारें आनी शुरू हुई हैं, ब्लास्टिंग बढ़ने के साथ ही दरारें भी चौड़ी हो रही हैं, ग्रामीण भुवन पडलिया ने बताया कि क्षेत्र में हो रही ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आई हैं, इससे ग्रामीण परेशान हैं, प्रशासन से सुरक्षा की दृष्टि से जांच कर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की गई है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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