उत्तराखंड में पाखरो रेंज घोटाला, करीब डेढ़ साल की जांच के बाद CBI ने शासन को सौंपी रिपोर्ट
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Apr 29, 2025 01:31
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कॉर्बेट नेशनल पार्क की पाखरो रेंज में हुए घोटाले में करीब डेढ़ साल की जांच के बाद सीबीआई ने रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। सीबीआई के अधिकारी इस बाबत प्र...
कॉर्बेट नेशनल पार्क की पाखरो रेंज में हुए घोटाले में करीब डेढ़ साल की जांच के बाद सीबीआई ने रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। सीबीआई के अधिकारी इस बाबत प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु से मिले थे। जल्द ही शासन से अनुमति मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी। हाइकोर्ट के आदेश पर अक्तूबर 2023 में विजिलेंस से हटाकर जांच सीबीआई को दी गई थी। मामले में ईडी भी जांच कर रही है। साथ ही बताया जा रहा है कि पांच अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी गई है।
गौरतलब है कि विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरों रेंज के 106 हेक्टेयर वन क्षेत्र में टाइगर सफारी बननी थी। वर्ष 2019 में इसका निर्माण कार्य बिना वित्तीय स्वीकृति के शुरू कर दिया गया। पेड़ काटने व अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था। जिसमें अनियमितताएं सामने आईं। शिकायत हुई और विजिलेंस ने इसकी जांच शुरू की। इसके बाद वर्ष 2022 में विजिलेंस ने पूर्व डीएफओ किशनचंद और रेंजर बृज बिहारी शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि पार्क के कालागढ़ डिविजन की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के नाम पर 215 करोड़ रुपये बर्बाद कर दिए गए।
दूसरे मद का पैसा डीएफओ और रेंजर से सांठ-गांठ कर टाइगर सफारी के काम में खपा दिया गया। ठेकेदार से काम की एवज में बड़ी रकम ली गई थी। विजिलेंस ने जांच के दौरान पाया था कि रेंज के लिए खरीदे गए जेनरेटर सेट का पूर्व मंत्री के करीबियों के पेट्रोल पंप और कॉलेज में इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसी बीच हाइकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए थे। सीबीआई ने पूर्व डीएफओ किशन चंद आदि के खिलाफ अभियोजन की अनुमति भी शासन ने मांगी थी। सीबीआई सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जल्द ही वहां से अनुमति मिलने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाएगी।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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