उत्तराखंड में SIR के बाद घट गई वोटरों की संख्या, बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हट सकते है
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Jul 15, 2026 01:32
•
2 views
•
0 Comments
उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया 1 जुलाई को शुरू हुई थी। एसआईआर के तहत 7 जून से 8 जुलाई के बीच एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना फॉर्म) का वितरण किया गया था। फिर...
उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया 1 जुलाई को शुरू हुई थी। एसआईआर के तहत 7 जून से 8 जुलाई के बीच एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना फॉर्म) का वितरण किया गया था। फिर डिजिटाइजेशन पूरा किया गया। उत्तराखंड के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के साथ उत्तराखंड में पोलिंग स्टेशनों का भी पुनर्गठन किया गया। इससे पोलिंग स्टेशनों की संख्या 11,733 से बढ़कर 12,543 हो गई थी। हालांकि अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने भरोसा दिलाया है कि यदि किसी योग्य वोटर का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है तो वे नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और नाम, पते या अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 भर सकते हैं। आवेदक को फॉर्म-6 के साथ एक डिक्लेरेशन फॉर्म भी जमा करना होगा। दावे और आपत्तियां 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दर्ज की जाएंगी।
विजय कुमार जोगदंडे ने यह भी बताया कि दावों और आपत्तियों का निपटारा 11 सितंबर तक कर दिया जाएगा। अंतिम वोटर लिस्ट 15 सितंबर को सामने आएगी। एसआईआर के दौरान 8.26 लाख ऐसे वोटर पाए गए जिनके फॉर्म नहीं मिले। इनमें से 1.26 लाख तो मृत पाए गए जबकि 4.80 लाख मतदाताओं के दूसरी जगहों पर रहने की सूचना है। 1.60 लाख वोटर अपने पते पर नहीं मिले। यही कारण है कि 8.26 लाख वोटरों के फॉर्म नहीं मिले। एसआईआर के बाद सामने आई ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार, हरिद्वार में सबसे अधिक 12.46 लाख मतदाता हैं। इसके बाद देहरादून में 11.90 लाख जबकि ऊधम सिंह नगर में 11.55 लाख मतदाता रजिस्टर्ड हैं। ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार, चंपावत जिले में सबसे कम 88 हजार वोटर हैं। मौजूदा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल वोटरों के लगभग 19 लाख मामलों में कई तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। ऐसे मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे और न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर कैंप लगेंगे।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!