चार धाम यात्रा में गैर सनातनियों को प्रवेश करने के लिए माननी होगी शर्तें,फोन और कैमरे बैन
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Apr 20, 2026 01:26
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अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी क...
अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। इस बार सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरों पर प्रतिबंध लगाया गया है। महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में तीन धामों में गैर-सनातनियों के प्रवेश के लिए विशेष शर्तें एवं नियम लागू हैं जबकि एक धाम में सभी का स्वागत किया जाएगा। यात्रा के लिए अब तक लाखों श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। अक्षय तृतीया के मौके पर रविवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दरवाजे भक्तों के लिए फिर से खुल गए। इसके साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई।
उत्तरकाशी जिले में मौजूद गंगोत्री और यमुनोत्री दोनों धामों में पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। गंगोत्री के कपाट खुलने के समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी वहां मौजूद रहे जहां उन्होंने यात्रा की सफलता और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। धार्मिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगोत्री मंदिर के कपाट अपराह्न करीब 12:15 बजे और यमुनोत्री मंदिर के कपाट 12:35 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड के चारधाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। इस साल 3 धामों में गैर सनातनियों के प्रवेश को लेकर अलग-अलग शर्तें हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दोनों मंदिर परिसरों में प्रवेश के लिए सनातन धर्म के प्रति आस्था का हलफनामा अनिवार्य किया है।
वहीं गंगोत्री मंदिर समिति ने पंचगव्य (गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी) ग्रहण करने के बाद ही धाम में एंट्री की अनुमति देने की घोषणा की है। दूसरी ओर यमुनोत्री मंदिर समिति ने अलग रुख अपनाते हुए बिना जाति-धर्म पूछे श्रद्धाभाव से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के स्वागत का निर्णय लिया है। इस बार चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरों के इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन लगाया गया है। पिछले साल चारधाम यात्रा में 51 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। वहीं इस साल अब तक करीब 19 लाख श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। उत्तराखंड के चारधामों में शामिल अन्य दो धाम-रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को जबकि चमोली जिले के बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। बता दें कि ये चारों धाम सर्दियों में भारी बर्फबारी और भीषण ठंड के कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं। ये धाम अप्रैल-मई में दोबारा खोले जाते हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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