नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव बवाल केस, कथित किडनैप सदस्यों को हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Nov 28, 2025 11:23
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उत्तराखंड में नैनीताल जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चुनाव में बवाल और कथित बीडीसी सदस्यों के अपहरण मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, मामल...
उत्तराखंड में नैनीताल जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चुनाव में बवाल और कथित बीडीसी सदस्यों के अपहरण मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, मामले में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने नैनीताल एसएसपी को आगामी 3 दिसंबर तक जांच की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं, साथ ही कथित रूप से अपहृत जिला पंचायत सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने को कहा है।
दरअसल, बीती 14 अगस्त 2025 को नैनीताल जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में हुए बवाल, 5 बीडीसी सदस्यों के अपहरण, चुनाव में डाले गए एक मतपत्र में ओवर राइटिंग की शिकायत, जिला पंचायत चुनाव में रि-पोलिंग और निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर स्वतः संज्ञान लिए जाने वाली दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई की, आज पूरे मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई।
आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नैनीताल एसएसपी को निर्देश दिए कि आगामी तिथि तक की गई जांच की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें, साथ ही कोर्ट में पेश हों, अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 3 दिसंबर की तिथि नियत की है, इसके साथ ही पांचों कथित अपहृत जिला पंचायत सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना होगा।
बता दें कि नैनीताल जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान उनके सदस्यों का अपहरण करने के मामले में कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था, जिसमें कई जीते हुए सदस्यों ने कोर्ट की शरण भी ली थी, बीडीसी सदस्य पूनम बिष्ट ने हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका दायर कर कहा है कि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में एक मतपत्र में ओवर राइटिंग की गई।
ओवर राइटिंग के तहत क्रमांक 1 को 2 कर अमान्य घोषित कर दिया गया। याचिका में कोर्ट से जिलाध्यक्ष पद के लिए दोबारा मतदान कराए जाने की प्रार्थना की गई है, जिसका संज्ञान लेकर कोर्ट जनहित याचिका के रूप में सुनवाई कर रही है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने कुछ वीडियो भी साझा किए थे, साथ ही इस मामले में कांग्रेस ने पुलिस को तहरीर भी दी थी, हालांकि, चुनाव के बाद लापता हुए जिला पंचायत सदस्यों का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी ने उनका अपहरण नहीं किया था, बल्कि वो अपनी मर्जी से गए थे।
वहीं, कांग्रेस इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में पहुंची, लेकिन हाईकोर्ट ने खुद ही इसका संज्ञान लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए नैनीताल पुलिस को फटकार लगाई. इतना ही नहीं नैनीताल जिला पंचायत चुनाव परिणाम पर आगामी आदेश तक रोक भी लगा दी।इसके बाद 15 अगस्त को तत्काल नैनीताल जिलाधिकारी/निर्वाचन अधिकारी वंदना सिंह ने हाईकोर्ट को आश्वस्त किया कि राज्य निर्वाचन आयोग पुनर्मतदान का अनुरोध कोर्ट से किया जाएगा, लिहाजा, इसके लिए 18 अगस्त की तिथि सुनवाई के लिए निर्धारित की गई।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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